कोटा ग्रामीण पुलिस ने इस साल के चालीस दिन में बड़ी कार्रवाईयां करते हुए नशे की खेप पकड़ी है। तस्करों को गिरफ्तार किया, उनके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए। साथ ही एक करोड चालीस लाख की चांदी भी जब्त की गई। इसके अलावा आदतन अपराधियों पर भी शिकंजा कसा गया। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने बतया कि नशा तस्करों एवं नशाखोरी में लिप्त अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन रुट क्लियरेंस चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 4 करोड, 41 लाख 72 हजार, 245 रुपये के अवैध मादक पदार्थ एवं अवैध शराब चोरी की सम्पत्ति एवं अवैध हथियार जप्त कर, 37 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। सुजीत शंकर ने बताया कि जिले में नशा तस्करी में लिप्त एवं अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के खिलाफ सभी थानाधिकारी, सीओ, एएसपी के निर्देशन में टीमें बनाकर कार्रवाई की गई। 40 दिन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यवाही करते हुऐ करीब 885.32 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा, 220.599 किलोग्राम अवैध गांजा, करीब 1 किलो 700 ग्राम अवैध अफीम, 12 ग्राम स्मेक एवं 49.43 किलोग्राम चांदी जप्त किए गए हैं। जप्त मादक पदार्थ, चांदी एवं टाटा कम्पनी का 12 चक्का बरामद डम्पर की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4 करोड, 41 लाख, 72 हजार, 245 रुपये है। खुद को कोटा का डॉन बताने वाले बदमाश गिरफ्तार
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आदतन अपराधियों पर अंकुश की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी के तहत सुपारी लेकर कैथून और बारां में फायरिंग के मामले में फरार आरोपियों को भी पकड़ा गया है। ये खुद को कोटा का डॉन बताते थे। एसपी ने बतया कि 8 जनवरी को फरियादी अब्दुल कदिर ने रिपोर्ट दी थी कि वह अपने ऑफिस में बैठा था। इस दौरान समीर गंजा और आफाक, तिवारी बच्चा बाइक पर आए। समीर और आफाक उसके पास पहुंचे और समीर ने पिस्टल निकालकर अब्दुल के बेटे पर फायर किया। इसके बाद बदमाश वहां से फरार हो गए। वारदात के दो दिन बाद फिर से आरोपियों ने फरियादी के मकान पर हमला किया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आफाक हुसैन एवं समीर गंजा समेत वारदात की प्लानिंग में शामिल रहे आरोपियों साहिल हुसैन, अजरूददीन चौहान को शेरगढ़ बारां से पकडा। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, एक चाकू व कारतूस बरामद किए। पूछताछ में फायरिंग की घटना के पीछे शकील मेवाती का हाथ होना पाया गया है, जिसने फरियादी को जान से मारने की सुपारी 3 लाख रूपए में दी थी जिसमें से 20 हजार रूपए एडवांस दिए गए थे। पुलिस अभी शकील मेवाती की तलाश में जुटी है। इनके बीच जमीन की प्लानिंग को लेकर विवाद सामने आ रहा है। लापता नाबालिग बालिकों को किया तलाश
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि मण्डाना के एक आवासीय स्कूल से दे नाबालिग बालिका लापता हो गई थी जिन्हें 72 घंटे में दस्त्याब किया गया है। फरियादी वार्डन की तरफ से बालिकाओं के लापता होने की शिकायत दी गई थी। रिपोर्ट मिलने पर टीम बनाई गई। सीसीटीवी फुटैज खंगाल गए, रिश्तेदारों, दोस्तों से जानकारी हासिल की गई। हर संभावित स्थान पर तलाश किया गया। जिसके बाद बालिकाओं को भानपुरा मध्यप्रदेश व सुरत गुजरात में होने की जानकारी मिली जिसके बाद उन्हें दस्तयाब किया गया।


