2 नायब तहसीलदारों को एक ही तहसील का ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार लगा डाला

पंजाब सरकार की तरफ से रेवेन्यू अफसरों के तबादले मजाक बनते जा रहे हैं। 13 दिन पहले कानूनगो से चार्ज वापस लेने के बाद तहसीलदारों को सब-रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं अब 8 अफसरों के तबादले फिर से किए गए हैं। हैरानी तो यह है कि 2 नायब तहसीलदारों को एक ही सीट पर सब-रजिस्ट्रार-1 लगा दिया गया, जो संभव नहीं है। वहीं तहसील-3 के दफ्तर का ही पता नहीं है और तहसीलदार की तैनाती कर दी गई। इस तरह के तबादलों का आदेश जारी होने के बाद तहसील में चर्चा बना हुआ है कि अब अगली बार ट्रांसफर लिस्ट जारी हुई तो पटवारियों-क्लर्क को भी एक माह के लिए सब-रजिस्ट्रार के अधिकार सौंपे जा सकते हैं। तहसील-1 के तहसीलदार अमृतबीर सिंह का तबादला लुधियाना ईस्ट में किया गया है। उनकी जगह पर मनमोहन कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि शीशपाल सिंगला को तहसील-3 में तहसीलदार लगाया गया है। वहीं तहसील-2 के तहसीलदार पुनीत बांसल से रजिस्ट्रार का चार्ज वापस ले लिया गया है। हालांकि उसी तहसील में तहसीलदार की पोस्ट पर काबिज रहेंगे। बेअंत सिंह को अमृतसर-1 का ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार-1 और नायब तहसीलदार लगाया है। जबकि प्रियंका रानी को भी सब-रजिस्ट्रार-1 लगाया है और तहसील-2 का नायब तहसीलदार। जबकि सब-रजिस्ट्रार-1 एक ही अफसर लग सकता है। वहीं हरीश कुमार को नायब तहसीलदार लोपोके, रमिंदरपाल सिंह को नायब-तहसीलदार राजासांसी और दर्शन सिंह को नायब तहसीलदार मजीठा लगाया है। वहीं, सीनियर एडवोकेट महिंदरपाल गुप्ता का कहना है कि जिसने भी लिस्ट तैयार कराई उनको चेक करना चाहिए इसमें कई तरह की खामियां हैं। लिस्ट के अनुसार तो तहसीलदार रजिस्ट्री कर ही नहीं सकता है। एक ही नायब तहसीलदार को उसी तहसील का ज्वाइंट सब-रजिस्ट्रार लगा दिया। एक ही सीट पर एक समय में ये रजिस्ट्री का काम कैसे करेंगे। तहसील-3 दफ्तर कहां बनेगा अभी तक तय नहीं है फिर भी तहसीलदार लगा दिया। सारी स्थिति साफ होनी चाहिए। यदि तहसीलदार अब रजिस्ट्री नहीं करेंगे तो उनके साथ फिर से मजाक किया गया। चार्ज संभालने पर ही पता लग पाएगा कि रजिस्ट्री का काम कैसे होगा। बीते 5 मार्च को सूबे भर के 235 तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों का तबादला कर दिया गया था। 7 मार्च को कानूनगो को सब-रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपते हुए रजिस्ट्री की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद 7 अप्रैल को कानूनगो से चार्ज वापस ले तहसीलदारों को रजिस्ट्री करने का अधिकार दिया गया। वहीं अब 21 अप्रैल को नायब तहसीलदारों को सब-रजिस्ट्रार लगाया है। जारी आदेश से प्रतीत हो रहा कि तहसीलदार रजिस्ट्री नहीं कर सकेंगे। इस आदेश को 22 अप्रैल से ही लागू कराया जाना है। जारी तबादलों की लिस्ट से कयास लगाए जा रहे कि सब-रजिस्ट्रार वन की सीट पर 15-15 दिन रजिस्ट्री का काम करेंगे। चूंकि आदेश में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन उसी सीट पर दो अफसरों को तैनात करने से ऐसा अनुमान वसीका नवीस व एडवोकेट लगा रहे। फिलहाल, 22 अप्रैल को चार्ज लेने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि रजिस्ट्री कैसे होगी।

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