एसीबी ने मंगलवार रात 3 लाख रिश्वत लेते अलवर निगम के राजस्व अधिकारी (आरओ) व दलाल को दबोच लिया। आरोपी ने रिश्वत जयपुर में विधानसभा के गेट नंबर 3 के पास ली थी। युवराज युधिष्ठिर मीणा आरओ है, जो अलवर निगम में तैनात है। उसने दलाल मुकेश के जरिए रिश्वत ली थी। एसीबी ने दोनों को पकड़ लिया। एसीबी के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एक प्राइवेट कंपनी के पदाधिकारी ने शिकायत दी कि उनकी कंपनी को अलवर में हॉर्डिंग-विज्ञापन का काम मिला था। युवराज ने दो माह से फाइल अटका रखी है। फाइल को आगे बढ़ाने के लिए 5 लाख मांगे। उक्त शिकायत का सत्यापन किया तो सही मिली। आरोपी ने 3 लाख में सौदा तय कर लिया। एएसपी ओम प्रकाश किलानियां के नेतृत्व में गठित टीमों को कार्रवाई के लिए भेजा। पीड़ित को पैसे लेकर 3-4 जगह चक्कर कटवाए आरोपी ने रिश्वत जयपुर में लेना तय किया और शाम को जयपुर पहुंच गया। पीड़ित को पैसे लेकर 3-4 जगह चक्कर कटवाए। बाद में विधानसभा के पास बुलाया। कुछ देर बाद खुद सरकारी गाड़ी से पहुंचा, लेकिन थोड़ी दूरी पर गाड़ी खड़ी करवाकर अंदर बैठा रहा। साथी मुकेश को पैसे लेने के लिए भेजा। मुकेश ने जैसे ही पैसे लिए एसीबी ने दबोच लिया। दूर खड़ी गाड़ी में बैठे आरओ युवराज को भी पकड़ लिया। पकड़ा गया आरओ युवराज मीणा जयपुर के आमेर का रहने वाला है। जयपुर में परिवादी को धमकाया था : आरओ युवराज अलवर से पहले जयपुर के नगर निगम व जेडीए में राजस्व अधिकारी के पद पर नौकरी कर चुका है। निगम हेरिटेज में एक व्यक्ति को बार-बार परेशान करता रहा। पीड़ित मनीष शर्मा ने निगम की विजलेंस शाखा में लिखित में शिकायत दी थी। जिसका पता चलने पर युवराज ने पीड़ित को ही धमकाया।


