भास्कर न्यूज |गिरिडीह होली को लेकर शहर से लेकर गांव तक बाजारों में रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह रंग, गुलाल, अबीर और पिचकारियों की दुकानें सज चुकी हैं। 2, 3 मार्च को होलिका दहन तथा 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। शहर के बड़ा चौक, तिरंगा चौक, गांधी चौक, मुस्लिम बाजार, कालीबाड़ी चौक, मकतपुर चौक, टावर चौक, अलकापुरी चौक, बोड़ो चौक, पचंबा हटिया रोड और भवानी चौक सहित विभिन्न स्थानों पर अस्थायी दुकानें लग गई हैं। इन दुकानों में रंग-बिरंगी पिचकारियां, मुखौटे और विभिन्न प्रकार के गुलाल सजे हैं, जो बच्चों और युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार खिलौना, बंदूक और टैंक वाली पिचकारी की सबसे अधिक मांग है। डॉ. कुलदीप नारायण ने केमिकलयुक्त रंगों से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और हर्बल गुलाल से होली खेलने से त्वचा और स्वास्थ्य सुरक्षित रहते हैं।होली प्रेम, सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला पर्व है, 10 से एक हजार रुपए तक की पिचकारी बाजार में, खुशबूदार गुलाल की मांग बढ़ी पिचकारियां 10 रुपए से लेकर 1000 रुपये तक उपलब्ध हैं, जबकि मुखौटे 50 से 200 रुपए तक बिक रहे हैं। इस वर्ष हर्बल गुलाल और प्राकृतिक अबीर की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सामान्य गुलाल 35 से 100 रुपए तक मिल रहा है। बाजार में पांच ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के पैकेट उपलब्ध हैं। इसके अलावा कलर स्मोक, रंगीन गुब्बारे और खुशबूदार गुलाल की भी अच्छी खासी मांग है। होली नजदीक आते ही घरों से पकवानों की खुशबू आने लगी है। किराना दुकानों पर सुबह से शाम तक भीड़ देखी जा रही है। घी, रिफाइंड ऑयल, सूजी, मैदा, बेसन, दाल और इमली की बिक्री बढ़ गई है।


