2 हजार जीवन रक्षक किटों का होगा वितरण

भास्कर न्यूज | बारां अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से गीता देवी स्मृति संस्थान के सहयोग से हृदय रोग के प्राथमिक उपचार के लिए तीन महत्वपूर्ण दवाओं के संयोजन से बने जीवन रक्षक किट के बारे में ह्रदय रोग के प्रारंभिक संकेत तथा बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी। अगले सप्ताह से बारां शहर में इस अभियान के तहत एलोपैथी दवा के 2 हजार किट निशुल्क वितरित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य शहर में ह्रदय रोगों के कारण लगातार हो रही अचानक मौतों की रोकथाम के साथ-साथ ह्रदय रोग से बचाव की जानकारी भी उपलब्ध करवाना प्राथमिकता रहेगी। इस अभियान को लेकर पत्रकार वार्ता शहर के एक निजी होटल में सम्पन्न हुई। जिसमें अभियान से जुडे हितेश खंडेलवाल ने बताया कि यह किट सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं के माध्यम से वितरित की जाएगी। ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि इस किट के माध्यम से यदि हम एक भी व्यक्ति की जान बचाने में सफल हो पाते हैं, तो इसे हमारा सौभाग्य मानेंगे। इस अवसर पर ललितमोहन खंडेलवाल ने हार्ट अटैक के पूर्व लक्षण और बारां में हाल ही में हुई असामयिक मौतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के बाद जिले में हृदय रोग से जुड़ी आकस्मिक मौतों में वृद्धि हुई है। कई बार लोग हृदयाघात के प्रारंभिक लक्षणों को पहचान नहीं पाते, जिससे समय पर उपचार न मिलने के कारण जान चली जाती है। उन्होंने कहा कि सीने में भारीपन, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, चक्कर आना, और ठंडा पसीना आना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खंडेलवाल ने आगे कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल जीवन रक्षक किट का वितरण करना है, बल्कि हृदय रोग से जुड़ी जागरूकता फैलाना भी है। खंडेलवाल ने बताया कि अगर ह्रदय रोग की संभावना हो तो व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में सुधार करना चाहिए। समय पर भोजन करें, आठ घंटे की नींद ले, स्टेट मेनेजमेंट को सुधारना होगा, फास्टफूड, तम्बाकू, सिगरेट का सेवन नही करें, जिम जाने के पहले टीएमटी, बीपी, कालेस्ट्रोल, ब्लडशुगर की जांच करवाकर चिकित्सक को बताए और उसके अनुसार ही जिम की गाइडलाइन के अनुसार एक्सरसाइज करे। हार्ट अटैक के मुख्य कारणों से अवगत कराते हुए बताया कि अधिक उम्र, हाई ब्लडप्रेषर, हाई कोलेस्ट्रोल लेवल, डायबिटिज, स्मोकिंग, मोटापा, लो फिजिकल एक्टिविटीज, फूड हैबिट यानि ज्यादा जंक व ऑयली फूड खाना, ओवरआल हेल्थ और फेमिली हिस्ट्री होते है। इसी के साथ सर्दियों में मॉर्निंग वॉक पर जाना भी रिस्की होता है। कार्यक्रम के दौरान वैश्य महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल, प्रदेश मंत्री कमलेश विजयवर्गीय, संभाग अध्यक्ष हितेश खंडेलवाल, जिला महामंत्री सुरेश गोयल, कोषाध्यक्ष जिनेंद्र कुमार जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी नरेश खंडेलवाल भी उपस्थित रहे।

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