हाई सिक्योरिटी जेल में बंद दो हार्डकोर अपराधियों की मंगलवार को तबियत बिगड़ गई। कड़ी सुरक्षा में दोनों अपराधियों को जेएलएन अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज करवाया गया। हथियारबंद जवानों की मौजूदगी में चेकअप करवाने के बाद वापस दोनों को हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया। इस दौरान कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस का जाब्ता भी मौजूद रहा। दरअसल, हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर अपराधी अरुण शर्मा और लोकेंद्र की मंगलवार को तबियत बिगड़ गई। जेल में प्राथमिक उपचार देने के बाद हथियारबंद जवानों की मौजूदगी में दोनों हार्डकोर बंदियों को कड़ी सुरक्षा में जेएलएन अस्पताल लाया गया। जेएलएन अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार और जांच करवाने के बाद वापस दोनों को हाई सिक्योरिटी जेल शिफ्ट कर दिया। हाई सिक्योरिटी जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि हार्डकोर बंदी अरुण शर्मा भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में जेल में बंद है। जिसे पैर में खड़े रहने पर दिक्कत हो रही थी जिसे आज हॉस्पिटल में इलाज दिलवाया गया है। इसके साथ ही जगिना हत्याकांड मामले में हार्डकोर अपराधी लोकेंद्र भी पिछले 1 साल से हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। जिसे पथरी की दिक्कत होने पर उपचार के लिए अस्पताल भेजा था। जहां दोनों अपराधियों का इलाज होने के बाद वापस उन्हें जेल में शिफ्ट कर दिया गया।


