महासमुंद जिले के 132 किसानों और मजदूरों ने बकाया भुगतान को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। किसानों का आरोप है कि रबी सीजन 2024-25 में सिकंदराबाद (तेलंगाना) की कावेरी बीज कंपनी ने उनकी जमीन लीज पर लेकर बीज उत्पादन कराया। मजदूरों से कड़ी मेहनत कराई गई और मशीनों का उपयोग भी हुआ, लेकिन अब तक मेहनताना और लीज की राशि का भुगतान नहीं किया गया। 3.74 करोड़ से ज्यादा हो चुका है बकाया किसानों के मुताबिक, मूल बकाया राशि 3,23,26,388 रुपए है। जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक 2 प्रतिशत मासिक ब्याज जोड़ने पर 51,72,222 रुपए अतिरिक्त बनते हैं। इस तरह कुल बकाया बढ़कर 3,74,98,610 रुपए हो गया है। बैठक में आंदोलन का फैसला इस मुद्दे पर पन्नालाल टावर, महासमुंद में किसानों की अहम बैठक हुई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही समेत प्रभावित किसान कृष्ण कुमार चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, महेंद्र बंजारे, प्रवीण चंद्राकर, भीखम चंद्राकर, पंकज चंद्राकर और केशवराम पाल मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं है, बल्कि उनकी मेहनत, सम्मान और आजीविका से जुड़ा मुद्दा है। भुगतान नहीं मिलने से कई परिवार कर्ज में डूब गए हैं और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। शासन-प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। धनेली स्थित प्लांट का होगा घेराव किसानों ने घोषणा की है कि 20 जनवरी को रायपुर के धनेली स्थित कंपनी के प्रसंस्करण प्लांट का घेराव किया जाएगा। महासमुंद से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी तक रैली निकाली जाएगी। किसानों ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन मांगों को लेकर रुख सख्त रहेगा। नहीं मिला भुगतान तो रेल रोको आंदोलन किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से उग्र रूप दिया जाएगा। इसमें रेल रोको आंदोलन भी शामिल रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी।


