बाड़मेर धोरीमन्ना का उप जिला अस्पताल अभी भी पीएचसी की बिल्डिंग में ही चल रहा है। जबकि अगस्त 2022 में धोरीमन्ना सीएचसी को उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नत की घोषणा हुई थी। वर्ष 2023 में बिल्डिंग के लिए टेंडर भी हो गए, लेकिन जमीन नहीं मिलने से करीब 3 साल बाद भी बिल्डिंग का इंतजार है। वर्ष 1990 में बनी पीएचसी की बिल्डिंग में ही धोरीमन्ना उप जिला अस्पताल चल रहा है,जबकि इसके बाद सीएचसी से अब उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नत है। रोज करीब एक हजार की ओपीडी है और यहां अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। “1990 की बिल्डिंग में उप जिला अस्पताल धोरीमन्ना संचालित हो रहा है। जल्द ही जमीन आवंटन हो जाएगी, 41.50 करोड़ रुपए से नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू होगा।” – अशोक कुमार विश्नोई, पीएमओ बाड़मेर से अलग होकर बालोतरा जिले में शामिल धोरीमन्ना के उप जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी है। जब यहां भास्कर टीम पहुंची तो अस्पताल के गेट से लेकर बरामदे, हर जगह मरीजों की भीड़ थी। दवा काउंटर से लेकर लैब, इमरजेंसी, पर्ची काउंटर पर कतारें लगी रही। पर्ची के लिए मुख्य गेट पर ही एक कमरे में काउंटर है। उप जिला अस्पताल बने हुए धोरीमन्ना को तीन साल हो गए है, लेकिन अब तक बिल्डिंग का इंतजार है। अस्पताल में 10 डॉक्टर के पद है, लेकिन यहां महज 3 कमरे ही है। डॉक्टर्स के लिए बैठने तक की जगह नहीं है। गैलेरी में सुबह ओपीडी लगती है। जांचें और ट्रीटमेंट होता है। उप जिला अस्पताल होने से यहां 39 नर्सिंग ऑफिसर भी है। लैब टेक्नीशियन 6 है। इमरजेंसी के लिए जगह नहीं होने से एक छोटे कमरे में संचालित हो रही है। धोरीमन्ना में सीएचसी के उप जिला अस्पताल में क्रमोन्नति के बाद बिल्डिंग के लिए टेंडर भी निकाला, लेकिन प्रशासन जमीन उपलब्ध नहीं करवा सका। इसमें तीन साल बीत गए है। 41.50 करोड़ रुपए की लागत से दो मंजिला बिल्डिंग बनेंगी।


