2027 में होगी 16वीं जनगणना दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया

भास्कर न्यूज | गरियाबंद भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए जिला स्तरीय दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी बीएस उईके ने की। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य मकान सूचीकरण, मकान गणना और आगामी जनसंख्या गणना के कार्यों को सुव्यवस्थित, सटीक और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए अधिकारियों एवं कार्मिकों को तकनीकी और व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना है। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार योजनाएं बनाती है और विकास की दिशा तय होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ किया जाए, ताकि विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने डिजिटल जनगणना के तहत शुरू की जा रही स्व-गणना प्रक्रिया को नई पहल बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और डिजिटल माध्यमों से कार्य तेज, सरल और कम त्रुटिपूर्ण होगा। साथ ही सभी कार्मिकों को निर्धारित समय-सीमा में चरणबद्ध रूप से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में जनगणना निदेशालय के राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर रश्मिता श्वेन तथा प्रशिक्षण अधिकारी शुभम कुशवाहा ने प्रथम चरण की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से मकान सूचीकरण की प्रक्रि रीया, मकानों के प्रकार, डिजिटल फॉर्म भरने की विधि, फील्ड में डेटा संग्रहण तथा जनगणना पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की तथा डेटा सत्यापन और आम नागरिकों को डिजिटल स्व-गणना के लिए मार्गदर्शन देने के तरीके समझाए। कार्यक्रम में जिला नोडल जनगणना कार्य निदेशालय प्रिंस प्रशांत राव, अपर कलेक्टर एवं जनगणना चार्ज अधिकारी ऋषा ठाकुर, उप संचालक आदि मौजूद रहे।

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