राज्य सरकार द्वारा बुधवार को सदन में पेश किए गए प्रदेश के बजट को लेकर वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने गुरुवार को अजमेर में मीडिया से बातचीत की। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह बजट “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना पर आधारित है और इसमें समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। चतुर्वेदी ने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत और विकसित राजस्थान की आधारशिला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन सहित सभी क्षेत्रों को इसमें समाहित किया गया है। कोई भी क्षेत्र इससे अछूता नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है। उन्होंने बताया कि बजट में युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण, महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं शामिल की गई हैं। साथ ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विधानसभा में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा राइट टू हेल्थ को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि इस बजट में सभी प्रदेशवासियों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने का प्रावधान है। ऐसे में विपक्ष द्वारा राइट टू हेल्थ को लेकर किया जा रहा हंगामा निराधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले राइट टू हेल्थ बिल तो लाया, लेकिन उसे प्रभावी रूप से लागू नहीं कर सकी। यहां तक कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आयुष्मान योजना का लाभ भी प्रदेशवासियों को नहीं मिल पाया। प्रेस वार्ता में देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाना, प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना और भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी भी मौजूद रहे।


