कोडरमा पुलिस ने बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने चोरी की 23 मोटरसाइकिल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फोटो दिखाकर ग्राहकों के साथ चोरी की बाइक की डील फाइनल करते थे। एसपी अनुदीप सिंह के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया था। जिले में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। मरकच्चो थाना क्षेत्र में दो संदिग्ध बाइक सवार पुलिस चेकिंग देखकर यू-टर्न लेकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों से जब बाइक के कागजात मांगे गए तो वे पेश नहीं कर पाए। थाने में पूछताछ के दौरान दोनों ने बाइक चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि चोरी की बाइक डोमचांच थाना क्षेत्र के कोसाहना गांव में रखी जाती हैं। पुलिस ने गांव में छापेमारी की। एक झोपड़ीनुमा घर से 23 मोटरसाइकिल बरामद कीं और वहां मौजूद एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह कोडरमा के अलावा गिरिडीह, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ समेत झारखंड के कई जिलों में बाइक चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। इनकी हुई है गिरफ्तारी इस मामले में बाइक चोरी करने वाले रोहित कुमार (30), मौला अंसारी (45) और बाइक का रख रखाव करने वाले प्रकाश मेहता (36) सभी डोमचांच थाना क्षेत्र के निवासी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। झोपड़ीनुमा घर में रखे बाइक की फोटो दिखाकर ग्राहकों से होती थी डील गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे विभिन्न थाना क्षेत्र से बाइक की चोरी कर जंगल के बीच एक स्थान पर झोपड़ीनुमा घर में मोटरसाइकिल को छिपा कर रखते थे। फोटो दिखाकर ग्राहकों के साथ चोरी की बाइक की डील फाइनल की जाती थी। डील फाइनल होने के बाद झोपड़ी नुमा घर में रखे बाइक की सप्लाई की जाती थी और रकम का बंटवारा गिरोह के सभी सदस्य आपस में मिलकर करते थे।


