हनुमानगढ़ में भाखड़ा नहर में पानी की मात्रा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों का जिला कलेक्ट्रेट के सामने बेमियादी धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। किसान नेताओं ने 20 जनवरी को बड़ी महापंचायत का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशमसिंह माणुका के अनुसार, किसानों की मुख्य मांग है कि भाखड़ा नहर में 25 मार्च तक लगातार 1250 क्यूसेक पानी चलाया जाए। वर्तमान में सिंचाई विभाग तीन ग्रुप में पानी दे रहा है, जबकि किसान दो ग्रुप में पानी चाहते हैं। दो ग्रुप में पानी चलाने के लिए कम से कम 1250 क्यूसेक पानी की आवश्यकता है। किसानों की चिंता यह है कि पिछली तीन फसलें पहले ही बर्बाद हो चुकी हैं। अगर इस बार भी पर्याप्त पानी नहीं मिला तो चौथी फसल भी नष्ट हो जाएगी। फसलों की बर्बादी से किसान कर्ज में डूब रहे हैं और कुछ को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। आंदोलन को व्यापक बनाने के लिए किसान प्रतिनिधि संगरिया, पीलीबंगा, गोलूवाला और सादुलशहर क्षेत्र के गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। 20 जनवरी को होने वाली महापंचायत में किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। किसान नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


