जयपुर साउथ पुलिस ने अंतरराज्यीय शातिर नकबजन गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 25 लाख रुपए की नकदी और ज्वेलरी के साथ दो बदमाशों को पकड़ा। विधायकपुरी थाना पुलिस, साइबर सेल जयपुर साउथ और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई करते हुए दिल्ली और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रेकी कर सूने और बंद पड़े मकानों में बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में शान मोहम्मद उर्फ शानू (25) पुत्र स्व. इस्लामुद्दीन, निवासी झुग्गी नंबर E-63, A-37 ब्लॉक नंबर 27, संजय कैंप, त्रिलोकपुरी, थाना मयूर विहार, दिल्ली ईस्ट और शकील अहमद पुत्र अतीक अहमद, निवासी मोहल्ला काजी यादगान, तहसील व थाना चांदपुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। भागीरथ कॉलोनी में एक मकान में हुई थी बड़ी चोरी की वारदात डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 28 जनवरी की रात भागीरथ कॉलोनी में एक मकान में बड़ी चोरी की वारदात हुई थी। अगले दिन पीड़िता रचना सबीखी ने थाना विधायकपुरी में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 28 जनवरी को शाम 6:30 बजे से 9:30 बजे के बीच उनका परिवार घर से बाहर गया हुआ था। लौटने पर मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई मिली। सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त था और कमरे में रखी लोहे की अलमारी टूटी हुई थी, जिसमें रखी लाखों रुपए की ज्वैलरी और नकदी चोरी हो चुकी थी। इस संबंध में थाना विधायकपुरी में बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आरोपियों को दबोचा घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साइबर सेल के तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और उनके भागने के रूट की छानबीन की गई। इसके बाद अलग-अलग टीमें दिल्ली और उत्तर प्रदेश रवाना की गई। थानाधिकारी नरेन्द्र भडाना के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग का बेहतर कॉर्डिनेशन करते हुए आरोपियों को ट्रैक किया और रूट मैप तैयार किया। इसके बाद दिल्ली के मयूर विहार क्षेत्र और बिजनौर उत्तर प्रदेश में दबिश देकर दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी शान मोहम्मद एक कुख्यात अपराधी पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी शान मोहम्मद एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ चोरी, लूट, मारपीट, नकबजनी, आर्म्स एक्ट सहित 35 से अधिक मामले दर्ज हैं और उसे कोर्ट से दो बार सजा भी हो चुकी है। चोरी की संपत्ति को बांटकर ऐशो-आराम में खर्च करते पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले सूने और बंद पड़े मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही चोरी की नंबर प्लेट लगाकर गाड़ी से वहां पहुंचते और वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद चोरी की गई संपत्ति को आपस में बांटकर ऐशो-आराम में खर्च करते थे। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपए नकद और कीमती ज्वैलरी बरामद कर ली है। मामले में अन्य बदमाशों की तलाश जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


