25 वे दिन जिले में दो हाथियों ने जमाया डेरा, गश्ती दल एवं ग्रामीणों को चकमा देते हैं रात भर हाथी, ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश

25 वे दिन जिले में दो हाथियों ने जमाया डेरा, गश्ती दल एवं ग्रामीणों को चकमा देते हैं रात भर हाथी,
ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश
अनूपपुर।
विगत 25 दिनों पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में आए दो नर हाथी दिनो में जंगलों में विश्राम करने बाद देर रात होते ही आहार की तलाश में ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर उत्पात मचाते हुए ग्रामीणो के घरों में तोड़फोड़ कर खेत, बांडी में लगे फसलों को आहार बना रहे हैं वहीं दिनभर गश्ती दल द्वारा हाथियों पर जंगलों में ठहरने दौरान निरंतर निगरानी करते हुए संभावित विचरण क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों के ग्रामीणों को सचेत व सावधान रहने की बात करते हैं तभी बीच-बीच में दोनों नर हाथी गश्ती दल एवं ग्रामीणों को चकमा देते हुए एक नए ग्रामीण क्षेत्रों में आहार की तलाश में पहुंच जाते हैं हाथियों के निरंतर विचरण एवं नुकसान करने से ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिति बनती जा रही है शुक्रवार की सुबह से दोनों हाथी राजेंद्रग्राम के ग्राम पंचायत एवं वन बीट पटना के लाघाटोला के समीप जंगल में ठहरे एवं विश्राम कर रहे हैं जो देर रात होने पर किस ओर हंगामा करेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा। दोनों नर हाथी जो पिछले वर्षो अपने तीन अन्य साथियों के साथ पांच की संख्या में छत्तीसगढ़ राज्य से मध्यप्रदेश के शहडोल संभाग अंतर्गत अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया के साथ डिंडोरी जिले के जंगलों एवं ग्रामीण अंचलों मे विचरण चुके हैं के एक साथी की अनूपपुर वन परिक्षेत्र अनूपपुर के कांसा गांव में करंट लगने से मौत होने तथा एक नर हाथी बड़े हाथी त्रिदेव का वन परिक्षेत्र जैतहरी के गोबरी गांव के जंगल तथा दूसरे छोटे हाथी का शहडोल जिले के जैसिंहनगर तहसील अंतर्गत रेस्क्यू कर कान्हा एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में रखा गया था जिसमें से एक छोटा हाथी को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व द्वारा कॉलर आईडी लगाकर पास के ही जंगल में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देश पर छोड़ दिया गया रहा है वही त्रिदेव नामक हाथी वर्तमान समय तक कान्हा टाइगर रिजर्व में रखा गया है संभवत एक बार फिर से आए दोनों दर हाथी अपने बिछड़े हाथी  साथियों की तलाश करते हुए गुमे हुये स्थलों में पहुंचने की कोशिश करते हैं जहां से हाथी बिछड़ गए रहे हैं। मंगलवार की रात दोनों हाथी वन परिक्षेत्र अनूपपुर के अगरियानार, औढेरा बीट अंतर्गत पचरीपानी, लखनपुर, खोलईया एवं डालाडीह के ग्रामीण अंचलों में रात भर हंगामा करते हुए बुधवार के दिन औढेरा बीट के डालाडीह के जंगल में विश्राम करते हुए बुधवार की रात वन परिक्षेत्र, थाना एवं तहसील राजेंद्रग्राम/पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत एवं वन बीट पटना अंतर्गत छुलहाटोला, बधार क्षेत्र में विचरण करते हुए गुरुवार के दिन छुलहाटोला,बधार के जंगल में ही विश्राम करते ठहरे रहे हैं जो गुरुवार की रात फिर से ग्राम पंचायत एवं वन बीट पटना के छुलहाटोला, बधार के बड़काटोला बधार, पटना, हर्षवाह गाव में रात भर चार ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतों एवं बाड़ियों में लगे अनाज को अपना आहार बनाते हुए शुक्रवार की सुबह ग्राम पंचायत पटना के जंगल जो लाघाटोला गांव से लगा हुआ है मे ठहरकर विश्राम कर रहे हैं जो देर रात किस ओर किस गांव,मोहल्ला में पहुंच कर हंगामा, तोड़-फोड़ करेंगे यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा। विगत 25 दिनों से अनूपपुर जिले के जैतहरी, अनूपपुर एवं राजेंद्रग्राम/पुष्पराजगढ़ तहसील थाना एवं वन परिक्षेत्र में निरंतर दोनों नर हाथियों के विचरण करने एवं ग्रामीणों की विभिन्न तरह की संपत्तियों का नुकसान करने के कारण ग्रामीणों में तेजी से आक्रोश बढ़ता देखा जा रहा है वहीं अनेकों ग्रामों के ग्रामों में हाथी विचरण दौरान हाथी गश्ती दल में लगे वनविभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ग्रामीणो के द्वारा गुस्सा कर बहस एवं वाद-विवाद करते देखें जाते हैं। ग्रामीणों ने जिले के जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं वनविभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से हाथियों के निरंतर विचरण को देते हुए अनूपपुर जिले को हाथियों से मुक्त कराते हुये जिले से बाहर करते हुए हाथियों की समस्या से निजात दिलाये जाने की अपेक्षा कर रहे है।
बधार गांव में 4 घंटे तक मचाया उत्पात
16 जनवरी रात 10,40 बजे दो हाथियों को समूह आज 24 में दिन वन परिक्षेत्र, थाना एवं तहसील राजेंद्रगाम/पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत पटना अंतर्गत बधार गांव में विगत 4 घंटे से विचरण करते हुए दो ग्रामीणों के मकानो में तोड़फोड़ करते एवं अनेकों ग्रामीणों के खेत/बाडियों में लगे विभिन्न प्रकार के अनाजों को अपना आहार बनाते हुए राजेंद्रग्राम-पटना मार्ग के मध्य बधार गांव में वर्तमान समय है हाथी गश्ती दल के वनविभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी/कर्मचारी ग्राम पंचायतो के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों के साथ हाथियों के विचरण पर सतत निगरानी बनाए रखते हुए ग्रामीणों को सचेत एवं सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं वर्तमान समय तक स्थिति सामान्य एवं नियंत्रण है किंतु हाथियों के निरंतर कहर के कारण ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिति दिख रही है ग्रामीण जनप्रतिनिधियो द्वारा जिले के महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं वनविभाग से हाथियों को जिले से बाहर किए जाने कि शीघ्र उपाय करने की अपेक्षा की है।

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