दौसा जिले में चलाए जा रहे रास्ता खोलो अभियान के तहत गुरुवार को सिकराय उपखंड क्षेत्र में मीनावाड़ा गांव में 25 साल से बंद पड़े डेढ़ किलोमीटर लम्बे रास्ते को खुलवाया। वहीं कई अन्य रास्तों से अतिक्रमण हटने पर आमजन को राहत मिली है। सिकराय एसडीएम नवनीत कुमार ने बताया कि बहरावंडा तहसील के मीनावाड़ा गांव में सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से अवाप्त यह रास्ता पिछले 25 साल से अतिक्रमण के कारण बंद था। गांव में इस मार्ग के अलावा अन्य कोई रास्ता रिकॉर्डेड नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। साथ ही, राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों और शिक्षकों के लिए भी कोई सुचारू रास्ता नहीं था। इस रास्ते से संबंधित विभिन्न वाद न्यायालयों में भी विचाराधीन रहे थे। पूर्व में भी कई बार समझाइश कर इस रास्ते को खुलवाने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। कलेक्टर देवेन्द्र कुमार के निर्देशन में बहरावंडा तहसीलदार धर्मसिंह, नायब तहसीलदार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, सिकन्दरा थानाधिकारी मय पुलिस जाब्ता एवं राजस्व टीम के साथ यहां पहुंचे और करीब डेढ़ किलोमीटर लम्बे रास्ते से अतिक्रमण हटाया। आलूदा और खानपुर में भी खोले रास्ते पापड़दा तहसील के आलूदा गांव में ढाणी डबरा में पिछले कई सालों से बंद रास्ते को राजस्व टीम ने पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में खुलवाया। इसी प्रकार महवा उपखंड क्षेत्र में खानपुर गांव में खसरा नंबर 822 का अतिक्रमण हटाकर रास्ते को सुचारू किया गया। इस दौरान राजस्व टीम के साथ पुलिस जाब्ता मौजूद रहा।


