25 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को राहत:हाई कोर्ट ने कहा – प्रोबेशन में 100% काम कराते हैं, 100% वेतन भी दें

हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए प्रोबेशन पीरियड में सरकारी कर्मचारियों का वेतन कम देने के नियम को गलत और भेदभावपूर्ण बताया है। कोर्ट ने कहा है कि जब कर्मचारियों से पूरा काम लिया जा रहा है, तो उन्हें पूरा वेतन भी मिलना चाहिए। यह फैसला गुरुवार को जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोत की डिवीजन बेंच ने दिया। कोर्ट ने सामान्य प्रशासन विभाग के 12 दिसंबर 2019 के परिपत्र को निरस्त कर दिया। इसी परिपत्र के तहत कर्मचारी चयन मंडल से भर्ती तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को प्रोबेशन के दौरान कम वेतन दिया जा रहा था। इस नियम में पहले साल 70%, दूसरे साल 80% व तीसरे साल 90% वेतन देने का प्रावधान था। प्रोबेशन अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी गई थी। कोर्ट ने इसे मनमाना बताते हुए कहा कि समान काम के लिए समान वेतन का नियम प्रोबेशन पर भी लागू होता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी का प्रोबेशन के दौरान वेतन काटा गया है, तो उसका भुगतान करें। एरियर दिया तो सरकार पर 1000 करोड़ का बोझ आएगा कर्मचारियों का कितना भुगतान अटका हुआ है? सरकारी आंकड़ों व कर्मचारी संगठनों के मुताबिक 2019 के बाद 25 हजार कर्मचारी इस व्यवस्था से प्रभावित हुए। प्रति कर्मचारी 3-4 लाख रु. का नुकसान हुआ। अब सरकार पर 750 से 1000 करोड़ रु. तक के एरियर का बोझ पड़ सकता है। यही आर्थिक नुकसान कोर्ट में चुनौती का मुख्य आधार बना। प्रोबेशन में किन कर्मचारियों को कम वेतन दिया जा रहा?
– 2019 से कर्मचारी चयन मंडल की भर्ती से नियुक्त तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को। इन्हें प्रोबेशन के दौरान पहले साल 70%, दूसरे साल 80% व तीसरे साल 90% वेतन दिया गया। क्या सभी कर्मचारियों के लिए यह नियम लागू है?
– नहीं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों को दो साल के प्रोबेशन में नियुक्ति के पहले दिन से 100% वेतन व दोनों वर्षों का इंक्रीमेंट मिलता है। इनमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, जिला आबकारी अधिकारी आदि हैं। सरकार के पास क्या विकल्प?
– सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है, पर कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि वहां इस फैसले को पलटना आसान नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट पहले समान काम के लिए समान वेतन को सही ठहरा चुका है। फैसले के बाद… जीएडी ने कहा- वित्त का मामला है, वित्त ने कहा- जीएडी देखेगा

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *