272 प्लॉट घोटाला मामले में एक और आरोपी पकड़ा:निगम ​अधिकारियों से मिलकर बनाए फर्जी दस्तावेज, फर्जी व्यक्ति नाम से जारी करवाए नामांतरण

नगर निगम के 272 प्लॉटों के बहुचर्चित घोटाले को लेकर एसओजी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसने निगम अधिकारियों के साथ मिलकर प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनाए और फर्जी व्यक्ति के नाम पर लीजडीड और नामांतरण पत्र जारी करवा दिए। आरोपी को देर रात गिरफ्तार किया गया। एसओजी एएसपी स्वाति शर्मा ने बताया कि 272 प्लॉटों के घोटाले में साल 2022 में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें बताया कि राजेंद्र धाकड़ ने नगर निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मिलकर हिरणमगरी सेक्टर-11 में निगम के 546 नंबर प्लॉट के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। फर्जी व्यक्ति किशन पटेल के नाम से निगम से लीजडीड और नामांतरण पत्र जारी करवा लिए। फिर सलूंबर निवासी अनिल कचौरिया को 50.01 लाख में बेच दिया। इस मामले में एसओजी ने जांच करते हुए राजेंद्र धाकड़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि इसने एकलव्य बस्ती, मल्लातलाई निवासी किशनलाल गमेती के बैंक खाते में 7 लाख रुपए जमा कराए थे। किशन ने यह पैसे निकाल कर किशन मारवाड़ी और राकेश सोलंकी को दिए। दोनों ने पैसे विक्रम ताकड़िया तक पहुंचाए थे। एसओजी आरोपी से पूछताछ कर रही है। बता दें, नगर विकास प्रन्यास ने साल 2012 में नगर निगम को कुछ कॉलोनियां हस्तांतरित की थीं। इनमें कई भूखंड खाली और अधिकांश कॉर्नर के थे। सारसंभाल नहीं करने से लोगों ने इन पर कब्जा कर लिया। कई भूखंडों के फर्जी दस्तावेज बनवा कर नामांतरण खुलवा लिए गए। कुछ को दलालों ने बेच दिया। कटारिया और विधायक उठा चुके हैं ये मुद्दा
इस मुद्दे को साल 2022 में कांग्रेस सहवृत पार्षद अजय पोरवाल ने उठाया था। जांच के बाद 48 पट्टों को निगम ने निरस्त कर दिया। इस बीच, पंजाब के गवर्नर गुलाबचंद कटारिया और वर्तमान विधायक ताराचंद जैन ने भी इस मुद्दे को उठाया था और इसे 500 करोड़ का घोटाला बताया। अप्रैल 2022 से एसओजी मामले की जांच जारी है। 7 से 13 नवंबर के बीच एसओजी ने गुजरात के पंचमहल के पूर्व वार्ड पंच राकेश सोलंकी व उदयपुर निवासी दीपक सिंह और गत 21 नवंबर को किशनलाल को गिरफ्तार किया था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *