29 साल बाद टिफिन और बैग लेकर स्कूल पहुंचे पूर्व-छात्र:एक-दूसरे से मिलकर भावुक हुए; सरस्वती विद्या मंदिर में एल्युमिनाई मीट में हुए शामिल

करीब 30 साल बाद पाली शहर के सरस्वती विद्या मंदिर में फिर से एक क्लास लगी। जिसमें आए छात्र-छात्राओं की आंखों में नमी के साथ खुशी की यादें भी थी। सभी ने एक-दूसरे का मिलकर अभिवादन किया और फिर एक- दूसरे के साथ अपनी पुरानी यादों को शेयर किया। दरअसल, सरस्वती विद्या मंदिर में 1995-96 बैच के पूर्व छात्रों की एल्युमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व छात्र स्कूल ड्रेस, टिफिन, बैग लेकर पहुंचे। करीब 30 साल बाद बहुप्रतीक्षित रीयूनियन कार्यक्रम में 82 विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। शिशु मंदिर से क्लास की शुरुआत
पूर्व छात्र पंकज जोशी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे शिशु मंदिर में हुई, जहां सभी पूर्व छात्र-छात्राएं ब्लू जीन्स, सफेद शर्ट और टाई पहनकर स्कूल बैग, टिफिन, पानी की बोतल, किताबें और कॉपियां लेकर पहुंचे। प्रार्थना, सरस्वती वंदना, गुरु वंदना, ईश वंदना, प्रतिज्ञा, देशभक्ति गीत, और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। सभी सावधान, दक्ष, और आराम की आज्ञाओं का पालन करते हुए दरी पर हाथ जोड़कर बैठे। इसके बाद शिक्षकों का सम्मान किया गया। सम्मानित शिक्षकों में भागीरथ, जब्बर सिंह, आनंद सिंह, अनिल बिस्सा, ओमप्रकाश, कपिल त्रिवेदी, किशोर सिंह, लोकेश शर्मा, सुमन दीदी, ललित देव शर्मा, घनश्याम बोधा, भीखाराम, प्रेमरत्न, भीमराज चौधरी, के.के. राजपुरोहित, दिवाकर आदि शामिल हुए। इस मौके पर शिक्षक अनिल बिस्सा ने कहा- हमारे विद्या मंदिर के छात्र-छात्राएं पूरी दुनिया में सफलता के नए आयाम गढ़ रहे हैं। वहीं भागीरथ ने कहा कि परिवार में बच्चों को चारित्रिक शिक्षा देना बेहद जरूरी है। साथ ही हमें सामाजिक सेवा में भी योगदान देना चाहिए। किशोर सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। 9 लाख रुपए की राशि एकत्रित करने की घोषणा
विद्या भारती जिला सचिव चंदनसिंह ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान पूर्व छात्रों ने विद्यालय के सहयोग और शैक्षिक कार्यों के लिए कुल 9 लाख रुपए से अधिक की राशि एकत्रित करने की घोषणा की। इसके बाद सभी फार्म हाउस पहुंचे। वहां हाई टी के बाद एंकर परी जैन ने सभी को खेलों में शामिल किया। खेलों में हंसी-मजाक और उत्साह का माहौल ऐसा था कि हर किसी ने बचपन के किस्सों को सुनाया। विभिन्न गेम्स में हुई फनी एक्टविटीज ने सभी हंसाया। डिनर के दौरान स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ भावनात्मक चर्चा का दौर चला। इसके बाद लाइव ऑर्केस्ट्रा ने संगीत की मिठास से माहौल को और शानदार बना दिया। संगीत की धुन पर सभी ने घंटों तक नृत्य किया। आयोजन मंडल में प्रिंस बुबाकिया, मनोज नाबरिया, राजीव कोठारी, अमिता गुलेच्छा, रजनीश मेहता, पंकज जोशी, तरुण व्यास, रामपाल शर्मा, रमेश वडेरा, उषा गुलेच्छा आदि ने प्रमुख भूमिका निभाई। अंत में सभी ने आंखों में आंसू और दिल में भावनाओं के साथ एक-दूसरे से गले मिलकर विदा ली। सभी ने फिर मिलने का वादा करते हुए अपने घरों को निकले।

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