30 साल बाद बदला भैरोंसिंह शेखावत सरकार का फैसला:दो से ज्यादा बच्चों वाले भी लड़ सकेंगे निकाय-पंचायत चुनाव; संशोधन बिलों को कैबिनेट की मंजूरी

प्रदेश में अब दो से ज्यादा संतान वाले भी पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव लड़ सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में भैरोंसिंह शेखावत सरकार का फैसला 30 साल बाद बदल दिया गया है। इससे निकाय और पंचायतीराज की सियासत बदलेगी। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- कैबिनेट ने राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी है। इन दोनों संशोधनों के बाद दो से ज्यादा बच्चों वालों के निकाय-पंचायत चुनाव लड़ने पर लगी रोक हट जाएगी। पटेल ने कहा- दोनों बिल इसी सत्र में पारित होंगे। जिस वक्त ये प्रावधान लागू किए थे, उस वक्त जनसंख्या नियंत्रण का मकसद था। अब हालात बदल गए हैं। अजमेर में आयुर्वेद विश्वविद्यालय खुलेगा। कैबिनेट ने अजमेर में आयुर्वेद एंड नेचुरोपैथी यूनिवर्सिटी बिल को मंजूरी दी है। बैंक-शेयर धोखाधड़ी रुकेगी डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने कहा- राजस्व आसूचना निदेशालय की जगह राजस्व आसूचना और आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन को मंजूरी दी है। इसका मुख्यालय जोधपुर होगा। यह निदेशालय बैंक, शेयर से लेकर मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने का काम करेगा। सहकारी सोसाइटी के जरिए जमीनों की धोखाधड़ी रोकने का काम करेगा। निदेशालय के लिए 60 पद बनाए गए हैं। वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के पद सृजन को कैबिनेट की मंजूरी कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी (VDO) का नया पद सृजन करने, ग्राम विकास अधिकारियों के 750 पदों को वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के पद पर प्रमोट किए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे अब ग्राम विकास अधिकारियों को प्रमोशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लंबे समय से इसकी मांग चल रही थी। राजस्थान मंडपम की प्रोजेक्ट लागत 5800 करोड़ की उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जयपुर में बी-टू बाइपास पर राजस्थान मंडपम बनाने का फैसला हुआ था। पहले के फैसले को सुधारा है। उस वक्त कुल प्रोजेक्ट लागत 3500 करोड़ आ रही थी। उस कीमत में रेवेन्यू जनरेट करने में गैप आ रहा था, वो 635 करोड़ था। हमने उसे बदल दिया है। अब प्रोजेक्ट कॉस्ट को 5800 करोड़ कर दिया है। इससे अब रेवेन्यू जनरेशन 5800 करोड़ से ज्यादा होगा। राज्य सरकार पर अब कोई भार नहीं आएगा। 565 लोगों को मिलेगा रोजगार उद्योग मंत्री ने कहा कि मैसर्स ग्रोथ इंडस्ट्रियल मिनरल्स प्रा. लि. को नीमकाथाना के रामल्यावास गांव में 53 हेक्टेयर जमीन देने की कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कंपनी करीब 500 करोड़ रुपए के निवेश से इस जमीन पर आधुनिक तकनीक आधारित बेनिफिकेशन एंड पेलेट प्लांट लगाएगी। इससे लगभग 565 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इससे प्रदेश में स्टील वैल्यू चेन को मजबूती मिलेगी। राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति लाएगी सरकार कैबिनेट ने राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति, 2026 को मंजूरी दी है। उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- औद्योगिक विकास के लिए राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति, 2026 लाई जाएगी। इस नीति के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए चार अलग-अलग मॉडल पर काम होगा। मॉडल-ए के तहत पूरी तरह रीको की आवंटित जमीन पर विकास होगा। मॉडल-बी में 80 प्रतिशत भूमि डेवलपर की होगी और 20 प्रतिशत जमीन रीको देगा। मॉडल-सी के तहत पूरी जमीन डेवलपर की होगी। मॉडल-डी पीपीपी मॉडल होगा। राठौड़ ने कहा- इस नीति के तहत निजी क्षेत्र में औद्योगिक पार्कों के लिए कम से कम 50 एकड़ क्षेत्रफल और कम से कम 10 औद्योगिक यूनिट होना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार औद्योगिक पार्क के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर 20 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान देगी। इसकी अधिकतम सीमा 100 एकड़ तक के पार्क के लिए 20 करोड़, 100 से 250 एकड़ के लिए 30 करोड़ और 250 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल के लिए 40 करोड़ रुपए होगी। सीईटीपी पर खर्च का 50 प्रतिशत पैसा सरकार देगी, जो 12.5 करोड़ रुपए प्रति पार्क तक होगा । 30 साल पुराना फैसला बदला 1995 में तत्कालीन भैरोंसिंह शेखावत सरकार के समय 2 से ज्यादा बच्चों पर निकाय और पंचायतीराज चुनाव नहीं लड़ सकने का प्रावधान किया था। उस वक्त पंचायतीराज कानून और राजस्थान नगरपालिका कानून में संशोधन करके ये प्रावधान जोड़े थे। अब 30 साल पुराने इस प्रावधान को बदलने का फैसला हुआ है। दो से ज्यादा बच्चों वालों को निकाय-पंचायतीराज चुनाव लड़ने पर पाबंदी हटाने से स्थानीय स्तर की सियासत बदलेगी। तीन बच्चों वाले कई नेता जो चुनाव नहीं लड़ पाते थे। अब उन्हें मौका मिलेगा। बीजेपी और कांग्रेस में जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे नेता हैं। विधानसभा में भी उठा था मामला पंचायतीराज और शहरी निकायों में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की बाध्यता हटाने की लंबे समय से मांग चल रही थी। बीजेपी के कई नेताओं और कई सामाजिक संगठनों ने भी सरकार को ज्ञापन देकर दो बच्चों का प्रावधान बदलने की मांग उठाई थी। विधानसभा में भी कई विधायकों ने इसकी मांग उठाई थी। गहलोत सरकार के दौरान कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी ने दो संतान की बाध्यता हटाने की मांग उठाई थी। पिछले बजट सत्र में चित्तौड़गढ़ से विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने सरकार से पूछा था कि प्रदेश में तीन संतान होने पर पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में यह प्रतिबंध नहीं है। पंचायत चुनाव में इस नियम को हटाया जाए। इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने ​विचार करने कर आश्वासन दिया था। ….. ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान- तीन बच्चों वाले भी बन सकेंगे सरपंच-प्रधान और मेयर:अनपढ़ों के निकाय-पंचायत चुनाव लड़ने पर नहीं लगेगी रोक, सरकार का विधानसभा में जवाब पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों में अनपढ़ों के चुनाव लड़ने पर सरकार रोक नहीं लगाएगी। निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने के लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करने का प्रावधान लागू नहीं होगा। (पूरी खबर पढ़ें)

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