300 प्रतिभाओं व भामाशाह को किया सम्मानित:धाकड़ समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह में उर्जा मंत्री ने बालिका शिक्षा पर दिया जोर

बूंदी के नैनवां में प्रतिभा सम्मान समारोह मे बोलते हुए उर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने कहा कि किसान के घर जन्म लेना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। मेरा जन्म किसान परिवार में हुआ है और आज इस मुकाम पर हूं। हमें खेती के साथ शिक्षा को जोड़ते हुए बालिका शिक्षा पर फोकस करना चाहिए। खेती के साथ शिक्षा का गठजोड़ देश के विकास के लिए जरूरी है। इस दौरान नागर ने समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया। नैनवां के डोकुन में धाकड़ समाज का प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा मंत्री हीरा लाल नागर ने कहा कि शिक्षा भी धर्म से कम नहीं है। खेती के साथ शिक्षा का गठजोड़ देश के विकास में नए आयाम स्थापित कर सकता है। इसके लिए हमें हमारे परंपरागत व्यवसाय खेती के साथ शिक्षा को भी शामिल करते हुए बालिका शिक्षा पर पूरा फोकस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धाकड़ समाज शुरू से ही जमीन से जुड़ा रहा है। हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हम किसान परिवार में जन्में हैं। धाकड़ समाज के युवाओं और मुख्य लोगों को बालिका शिक्षा पर फोकस करना चाहिए। इससे पहले नागर का समाज की तरफ से अभिनंदन किया गया। नैनवां प्रधान पदम नागर ने मांग करने पर मंच के माध्यम से प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने बाछोला जीएसएस घोषणा की। इन लोगो ने किया संबोधित
प्रतिभा सम्मान समारोह मे पूर्व विधायक नरेंद्र नागर ने संबोधित करते हुए समाज को एक जुट होने की बात कही। तहसीलदार वैशाली धाकड़ ने कहा की समाज के एक बेटी पढ़ेगी तो सात पीढ़ी तरेगी, ऐसे में बेटियों को बेटों से कम नही मानना चाहिए। उनको भी शिक्षा में उतना हक मिले जितना बेटों को दिया जाता है। उन्होंने बालिका शिक्षा व महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया देने की बात कही। समारोह में सीमा शुल्क विभाग के उपायुक्त बुद्धि प्रकाश धाकड़ व असिस्टेंट कमिश्नर स्टेट जीएसटी नरेंद्र धाकड़ ने कहा कि भामाशाह आगे बढ़कर समाज के वंचित लोगों को सही दिशा देकर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करे। इस दौरान अनुभवी लोगो ने करियर गाइडेंस के लिए मोटिवेशन भी दिया। स्थानीय समाज की बालिकाओं ने देशभक्ति व राजस्थानी गीतों पर आकर्षक प्रस्तुतियां देकर नशा मुक्ति, नुक्ता, दहेज़ प्रथा पर कटाक्ष किया। 300 प्रतिभाओं व भामाशाह को किया सम्मानित
समिति अध्यक्ष परसीराम धाकड़ ने बताया कि समारोह में मेधावी छात्र छात्राओं, सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी, अध्ययनरत अनाथ बालक-बालिकाएं, राज्य सेवा में नियुक्त अभ्यार्थी, भामाशाह, राज्य स्तर पर विजेता खिलाड़ी सहित अखिल नागरचाल 108 गांव क्षेत्रों से आए समाज की 300 से अधिक प्रतिभाओं व भामाशाहों को मेडल, माला, स्मृति चिन्ह भेंट कर दुपट्टा व शॉल ओढ़ाकर व नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष परसीराम धाकड़, मुकेश कुमार, कमलेश धाकड़, मीडिया प्रभारी श्योजी लाल धाकड़, महेंद्र धाकड़, एडवोकेट हंसराज धाकड़, श्री राम धाकड़, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार राधेश्याम धाकड़, राधाकिशन धाकड़, मुकेश नागर, कमलेश नागर, चंद्रप्रकाश धाकड़, प्रकाश चंद धाकड़, सहित टोंक, सवाई माधोपुर, बूँदी, कोटा, अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, बारा, झालावाड, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, एमपी सहित आदि क्षेत्रो से समाज की प्रतिभाएं, महिलाएं, युवक-युवतियां, प्रबुद्धजन, समाज के जनप्रतिनिधि व समाज बंधु मौजूद थे!

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