31 हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता से निकली कलश शोभायात्रा:मुख्यमंत्री ने गोविंददेवजी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर रवाना किया; 108 कुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ का शुभारंभ

गोनेर रोड स्थित लूनियावास के बाबा बालनाथ आश्रम में विश्वशांति, लोककल्याण और राष्ट्रकल्याण के उद्देश्य से आयोजित होने वाले 108 कुंडीय महामृत्युंजय महायज्ञ से पूर्व मंगलवार को आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर, जयनिवास उद्यान से विशाल और विहंगम कलश शोभायात्रा निकाली गई। यह 17वीं कलश यात्रा रही, जिसमें करीब 31 हजार महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। मार्ग में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा से जुड़ते गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोविंददेवजी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा को रवाना किया। यह अनुष्ठान सनातन धर्म की रक्षा, विश्व में उसकी स्थापना, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यज्ञाचार्य डॉ. कमलेश शास्त्री ने बताया कि करीब 15 किलोमीटर लंबी इस शोभायात्रा में जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, अजमेर सहित विभिन्न जिलों से महिलाएं एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा जौहरी बाजार, सांगानेरी गेट, आगरा रोड, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर और घाट की गुणी होते हुए लूनियावास स्थित बाबा बालनाथ आश्रम पहुंची। शोभायात्रा में आगे बाबा बस्तीनाथ महाराज हाथी पर सवार होकर चल रहे थे। उनके पीछे हजारों महिलाएं सिर पर कलश रखकर अनुशासनबद्ध रूप से चलती नजर आईं। इनके पीछे बड़ी संख्या में पुरुष नीले ध्वज लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। भक्त डीजे की भक्ति धुनों पर नाचते-झूमते हुए यात्रा का आनंद लेते रहे, जिससे पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा। लूनियावास स्थित आश्रम पहुंचने पर बाबा बस्तीनाथ महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। आश्रम परिसर में देवताओं के विभिन्न मंडल सजाए गए। उन्होंने सभी समाजों को साथ लेकर चलने का संदेश देते हुए सामाजिक एकता और समरसता की मिसाल पेश की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि संत-महात्मा राष्ट्र को सही दिशा देकर सनातन संस्कृति को मजबूत करते हैं। उनके विचार मानवता, सेवा और सद्भावना का संदेश देते हैं। उन्होंने युवाओं से संतों की शिक्षाओं और आदर्शों को आत्मसात करने तथा भारत की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा बालनाथ ने भारतीय धर्म और संस्कृति को आगे बढ़ाने में अद्वितीय योगदान दिया है और बाबा बस्तीनाथ महाराज भी उसी परंपरा का अनुसरण कर रहे हैं। हमारी संस्कृति ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना पर आधारित है, जो संपूर्ण मानवता के कल्याण का संदेश देती है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा बस्तीनाथ महाराज को दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके आशीर्वचन भी सुने। कलश यात्रा में हजारों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गोविंददेवजी मंदिर में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। भगवान गोविंददेवजी के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम में विधायक देवी सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य नागरिक, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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