33 मरीजों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प:अजीतपुरा, बिरकाली और तलवाड़ा पीएचसी में नशा मुक्ति चिकित्सा शिविर आयोजित

जिला कलेक्टर कानाराम के निर्देशन में गुरुवार को खण्ड भादरा की पीएचसी अजीतपुरा, खण्ड नोहर की पीएचसी बिरकाली और खण्ड टिब्बी की पीएचसी तलवाड़ा में मानस अभियान के तहत नशा मुक्ति चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 33 नए मरीजों ने मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग के बाद नशा छोड़ने का प्रण लिया। मनोचिकित्सक डॉ. मनोज डूडी, डॉ. सुनील कुमार और डॉ. भालसिंह ने शिविर में आए मरीजों की काउंसलिंग की। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि गुरुवार को पीएचसी बिरकाली में मनोचिकित्सक डॉ. मनोज डूडी और सीएचसी इंचार्ज डॉ. संतोष रानी ने मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान की। पीएचसी बिरकाली में आयोजित कैम्प में 26 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 21 मरीज नशे का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 9 नए मरीजों ने नशा छोड़ने की इच्छा जताई। पुराने कैम्प में इलाज ले चुके 5 मरीज पुन: उपचार के लिए आए थे। मानस शिविर के दौरान क्षेत्र के 4 मरीज पूर्ण रूप से नशे का सेवन करना छोड़ चुके हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि पीएचसी तलवाड़ा में मनोचिकित्सक डॉ. भालसिंह और पीएचसी इंचार्ज डॉ. अंकुर कुमार ने मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। पीएचसी तलवाड़ा में आयोजित कैम्प में 36 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 34 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 3 नए मरीजों ने नशा छोड़ने की इच्छा जताई। पुराने कैम्प में इलाज ले चुके 26 मरीज पुन: उपचार के लिए आए थे। मानस शिविर के दौरान क्षेत्र के दो मरीज पूर्ण रूप से नशे का सेवन करना छोड़ चुके हैं। शिविर में आए 19 मरीज चिट्टा एवं मेडिकेटेड नशों का सेवन करते थे। डॉ. शर्मा ने बताया कि इसी तरह पीएचसी अजीतपुरा में मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार और पीएचसी इंचार्ज डॉ. इन्द्रपाल ने मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। पीएचसी अजीतपुरा में आयोजित कैम्प में 21 मरीज उपचार के पहुंचे, जिनमें से 21 मरीज नशों का सेवन करते थे। कैम्प में आए सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में पहुंचे सभी 21 नए मरीजों ने नशा छोड़ने की इच्छा जताई। पुराने कैम्प में इलाज ले चुके 12 मरीज पुन: उपचार के लिए आए थे। मानस शिविर के दौरान क्षेत्र का एक मरीज पूर्ण रूप से नशे का सेवन करना छोड़ चुका है। शिविर में आया एक मरीज चिट्टा और मेडिकेटेड नशों का सेवन करते था। स्वास्थ्यकर्मियों ने काउंसिलिंग सेशन में उपस्थित मरीजों को नशों के दुष्प्रभाव से परिवार व समाज पर होने वाले हानिकारक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। अंत में सभी मरीजों एवं उनके परिजनों को नशा नहीं करने की शपथ दिलाई।

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