40 करोड़ रुपए के घोटाले पर विधायक-पूर्व संसदीय सचिव आमने-सामने:मीणा बोले-हुड़ला से बड़ा झूठा कोई नहीं, गंदा राजनेता; जवाब मिला-जो डर गया, वो मर गया

दौसा के महवा में 40 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर विधायक और पूर्व संसदीय सचिव आमने-सामने है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ी है। विधायक राजेन्द्र मीणा ने जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। उन्होंने फेसबुक पर लिखी पोस्ट में पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला को गंदा राजनेता बताया। लिखा- उनकी दुकान बंद हो गई है। जवाब में पूर्व संसदीय सचिव और पूर्व विधायक हुडला ने बालाहेडी थाने में एक शिक्षक के खिलाफ बेटियों से अनैतिक व्यवहार के मामले में आरोपी टीचर को विधायक का परिचित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि उनकी होटल को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं, जो डर गया सो मर गया, डर के आगे जीत है। विधायक राजेन्द्र मीणा ने लगाए गंभीर आरोप
विधायक राजेन्द्र मीणा ने लिखा- जिस पूर्व एमएलए ने अपने गांव हुडला में 10 वर्ष में एक पैसे का काम नहीं किया, उससे क्या उम्मीद कर सकते हैं। केवल अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए भाई को भाई को लड़ाने का काम किया। क्षेत्र की जनता अच्छे से रह रही है, इसे पच नहीं रहा। इसलिए ये क्षेत्र का माहौल खराब करना चाहता है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। ये ईमानदारी की बात करता है, इससे बड़ा झूठा नेता इस दुनिया में नहीं हुआ। जनता को गुमराह करना ही इसका मकसद है। इसके पास महवा में एक हजार बीघा ज़मीन है। ये पूरी तरह से पागल हो गया है, इसको सिर्फ और सिर्फ पैसा चाहिए, अब इसकी दुकान बंद हो गई है। दुबारा इसकी दुकान चालू नहीं होने देंगे। मैंने पूरा जीवन ईमानदारी से सेवा की है, जब तक जनता का आशीर्वाद प्राप्त है, ईमानदारी से सेवा करते रहेंगे। 40 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
​विधायक राजेंद्र ने एक अन्य पोस्ट में लिखा- पूर्व एमएलए के कारण पूरा हुडला गांव पानी के लिए तरस रहा है। खुद के घर में जीएलआर बना ली, बाकी सब गांव की जनता पानी के लिए तरस रही है। इसके रहते जल जीवन मिशन योजना महवा क्षेत्र में ईमानदारी से चालू हो जाती तो क्षेत्र की जनता को पानी की समस्या नहीं होती, लेकिन महवा में अधिकारियों से मिलकर इसने 40 करोड़ रुपए का घोटाला किया। दोनों नगरपालिकाओं में इनके समय ड्रोन सर्वे कराया गया था, उसमें एक जने से काम की एवज में 40 लाख रुपए लिए। इससे गंदा राजनेता इस दुनिया में कहीं नहीं मिलेगा। पूर्व सरकार के समय दौसा जिले में जल जीवन मिशन योजना बिना काम किए ही अधिकारियों ने नेताओं के कहने पर 19 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार महवा में हुआ, इस कारण से क्षेत्र की जनता पानी के लिए परेशान है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं मंगलवार रात विधायक ने अपील करते हुए लिखा- महवा विधानसभा क्षेत्र के सभी मित्रों से अनुरोध है कि इस चोर से दूर रहें। इसके किसी भी सवाल का जवाब नहीं दे। ये खुद बहुत बड़ा चोर है, इसकी उगाई बंद हो गई है, इसलिए पागल हो गया है। ईमानदार आदमी कभी किसी को जवाब नहीं देता। पूर्व विधायक हुडला बोले- डर के आगे जीत है
वहीं पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला ने बालाहेडी थाने में शिक्षक के खिलाफ दर्ज बेटियों से अनैतिक व्यवहार के मामले में कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दलित वर्ग में इतना डर है कि वे अपनी बात भी नहीं कह पा रहे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पीड़िता के पिता की शिकायत सुनने की बजाय लीपापोती की। मामले को लेकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में देरी की। आरोपी टीचर का भाई स्थानीय विधायक के चैंबर में जाकर बैठता है। मैं सीधे तौर पर आरोप लगाता हूं कि विधायक ने 12 घंटे तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने दी। दलित बेटियों को न्याय मांगने पर महवा की ओछी राजनीति के चलते पहले मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और अब मेरी माताजी की होटल को तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन मैं इतना समझता हूं कि मैं इस प्रकार से झुकने और डरने वाला नहीं हूं। जो डर गया सो मर गया, डर के आगे जीत है। इसी प्रकार महवा के हिण्डौन रोड स्थित बांके बिहारी नगर में राज्य सरकार की अनुमति के बिना 90ए किया जा रहा है। कॉलोनी में नियमानुसार 40 फीट का रास्ता नहीं है। हाईवे कंट्रोल बैल्ट में अवैध काम किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा नियम विरूद्ध काम करके जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। इसकी जांच के लिए कलेक्टर को शिकायत दी है। तथ्यों के साथ मामले का खुलासा करूंगा। दोनों पुराने राजनैतिक प्रतिद्वंदी
बता दें कि ओम हुड़ला 2013 में पहली बार भाजपा से विधायक चुने गए। इसके बाद 2018 में पार्टी ने इनका टिकट काटकर मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा के भतीजे राजेन्द्र मीणा को प्रत्याशी बनाया तो हुड़ला निर्दलीय चुनाव जीत गए। 2023 के चुनाव में हुड़ला को कांग्रेस का टिकट मिला, जबकि राजेन्द्र मीणा को फिर से भाजपा का टिकट मिला और जीते। दोनों राजनैतिक प्रतिद्वंदी हैं।

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