40 लाख खर्च, फिर भी तालाब गंदे, आयुक्त बोले- नियमित सफाई संभव नहीं

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर शहर में तालाबों के सौंदर्यीकरण पर हर 5 साल में 30 से 40 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी अधिकांश तालाब गंदगी से पटे हैं। पूजा-पाठ की सामग्री विसर्जन व प्लास्टिक कचरे के कारण कई तालाबों की सूरत बिगड़ती जा रही है। सत्तीपारा क्षेत्र के दीवान तालाब पर नगर निगम ने करीब तीन साल पहले 40 लाख रुपए सौंदर्यीकरण पर खर्च किए थे। दावा था कि तालाब को आकर्षक और स्वच्छ बनाया जाएगा, लेकिन पिचिंग के अलावा कोई ठोस सुधार नहीं दिखा। वर्तमान में तालाब जलकुंभी और कचरे से भरा हुआ है। नियमित सफाई नहीं होने से इसकी स्थिति खराब होती जा रही है। इसी तरह पुराना बस स्टैंड से लगे बाबूपारा के जोड़ा तालाब की हालत भी चिंताजनक है। नगर निगम ने पहले 20 लाख गहरीकरण और बाद में 40 लाख सौंदर्यीकरण पर खर्च किए। इसके बावजूद तालाब में कचरे का अंबार है। जलकुंभी व कचरे ने तालाब की सुंदरता को खत्म कर दिया है। चंबोथी तालाब में फिलहाल सफाई शुरू कराई है। ^निगम की ओर से समय-समय पर तालाबों की सफाई कराई जाती है। नियमित सफाई संभव नहीं है। यदि नागरिक तालाबों में कचरा न डालें, तो जलाशयों को स्वच्छ बनाए रखना आसान होगा। – डीएन कश्यप, आयुक्त, नगर निगम, अंबिकापुर शहरवासियों का मानना है कि केवल सौंदर्यीकरण पर लाखों खर्च करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नियमित निगरानी और जन-जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। तालाबों की सफाई करने कर्मचारियों की जरूरत होती है। नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारी सफाई नहीं कर सकते हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *