नागौर में चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 जगहों पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में जिले में पीएचसी व सीएचसी स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों में प्रसव पूर्व जांच, नियमित टीकाकरण, इनफेक्टिव व नॉन इनफेक्टिव बीमारियों की जांच, बीपी-शुगर जांच, नेत्र जांच, क्षय रोग की जांच व स्क्रीनिंग, परिवार कल्याण साधनों का वितरण, कुष्ठ रोग की पहचान, दंत रोग की स्क्रीनिंग व उपचार संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। जिले में 5 जगह आयोजित मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों में 1800 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए। इन शिविरों में टेली मेडिसिन सेवा के जरिए मरीजों का बड़े अस्पतालों में कार्यरत स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स ने भी इलाज किया और काउंसलिंग की। शिविरों में प्रसव पूर्व जांच के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर आयरन सुक्रोज चढ़ाकर दवाईयां दी गईं। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविरों में घुमंतू व अन्य वंचित बच्चों को चिह्नित कर टीकाकरण किया गया। प्रसव पूर्व जांच करवाने आई गर्भवती महिलाओं को राज्य सरकार की ओर से संचालित मां वाउचर योजना के तहत वाउचर दिए गए। गर्भवती महिलाओं को निजी सोनोग्राफी सेंटर पर फ्री सोनोग्राफी के लिए मां वाउचर और ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि जिले में मूंडवा ब्लॉक के खजवाना, जायल ब्लॉक के झाड़ेली, मेड़ता ब्लॉक के गगराना, रियांबड़ी ब्लॉक के लांपोलाई व डेगाना ब्लॉक के कितलसर गांव में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित हुए। इन में कुल 1879 मरीजों की जांचें व दवाई देकर लाभान्वित किया गया।


