मप्र में पहली बार कैंसर, हृदय और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए ‘सीएम केयर योजना’ का खाका बनकर तैयार हुआ है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग यह योजना बुधवार को होने वाली कैबिनेट में लेकर आ रही है। इसका पूरा फोकस सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं बढ़ाने पर रहेगा, ताकि मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई या दूसरे राज्यों की ओर न भागना पड़े। सरकार की शुरुआती योजना के मुताबिक- अगले 5 साल में करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वित्त विभाग ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी के लिए रखा जाएगा। 6 मेडिकल कॉलेजों में नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग जबलपुर कैंसर इंस्टीट्यूट में 600 बेड किए जाएंगे
-जबलपुर मेडिकल कॉलेज के स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की क्षमता 200 से 600 बेड की जाएगी। यह प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी कैंसर केंद्र बनेगा। कार्डियोलॉजी सेंटर बनेगा
-सरकार स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर बनाएगी। यहां हार्ट से जुड़ी जटिल सर्जरी और उपचार की सुविधा उपलब्ध होंगी। पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी से लेकर ऑन्को सर्जरी तक
-इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी, ऑन्को सर्जरी, कार्डियोलॉजी व कार्डियक विभाग शुरू होंगे। शुरुआत 100-100 बेड से होगी, बाद में नेफ्रोलॉजी व यूरोलॉजी जुड़ेंगी। अंग प्रत्यारोपण सुविधा
-लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा व कॉर्निया ट्रांसप्लांट के लिए प्रदेश स्तरीय संस्थान बनेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने की सुविधा शुरू होगी, मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
कैंसर के इलाज के लिए सरकार आधुनिक उपकरण खरीद रही है पीपीपी मॉडल पर पेट सीटी मशीन की टेंडर प्रक्रिया हो गई है। जिन मेडिकल कालेजों में सुपर स्पेशलिटी विभागों की कमी है उनकी गैप फिलिंग की प्रक्रिया सीएम केयर योजना के माध्यम से जल्द ही प्रदेश सरकार करने जा रही है।
– नरेंद्र शिवाजी पटेल, राज्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग


