रायपुर में रविवार को सोल्जरएथॉन दौड़ का आयोजन किया गया। सन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के विजय दिवस से ठीक 1 दिन पहले इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया। आम लोग ने यहां सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों के साथ दौड़ लगाई। कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि रिटायर्ड आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह पहुंचे। उन्होंने विजेताओं को सम्मनित किया। रिटायर्ड जनरल सिंह और छत्तीसगढ़ उड़ीसा सब एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर अमन आनंद ने रेस को फ्लैग ऑफ किया। इस प्रतियोगिता में 3000 से ज्यादा कैंडिडेट ने हिस्सा लिया । रायपुर-बिलासपुर- राजनंदगांव, चेन्नई, हरियाणा, मध्य प्रदेश से भी कई प्रतिभागी शामिल होने पहुंचे थे । इस प्रतियोगिता में 21 किलोमीटर 10 किलोमीटर 5 किलोमीटर और 3 किलोमीटर की वॉक में लोगों ने हिस्सा लिया। यूथ काउच पेटौटो न बने
21 किलोमीटर की दौड़ को 1 घंटे में चेन्नई की विद्या सुब्रमण्यम ने पूरा किया। 57 साल की विद्या का अंदाज देखकर सभी ने उन्हें चियर किया। विद्या वाला सुब्रमण्यम ने बताया कि वह पिछले 12 सालों से रनिंग की प्रैक्टिस कर रही हैं । विद्या प्रोफेशनल बैंकर है अपने काम के साथ वह रनिंग के लिए भी समय हमेशा निकालती हैं। विद्या ने बताया कि आज का यूथ काउच पोटैटो (टीवी-मोबाइल में समय बिताने वाले) होता जा रहा है। यानी यूथ में लजीनेस हावी होती जा रही है। विद्या ने कहा कि यूथ को किसी न किसी खेल से खुद को जोड़ना चाहिए । लोगों से इंटरेक्ट करना चाहिए अपनी फिजिकल एक्टिविटीज को बढ़ाना चाहिए। यह न सिर्फ स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है बल्कि मानसिक रूप से अच्छा महसूस करने के लिए भी जरूरी है। 86 साल के सरजू भी भागे
बलौदा बाजार जिले के रहने वाले सरजू प्रसाद साहू भी खुद को खेलों के जरिए एक्टिव रखते हैं । 86 साल की इस उम्र में कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं को भी पीछे छोड़ते हुए सरजू दौड़ रहे थे। 3 किलोमीटर के वॉक को भी इन्होंने बड़ी तेजी से पूरा किया। इन्हें कार्यक्रम में स्पेशल रनर के तौर पर रिटायर्ड जनरल वीके सिंह ने सम्मानित किया। घरों में काम करने वाली किरण ने चौंकाया
भीड़ में पीछे भाग रही सामान्य की हाउस वाइफ दिख रही किरण साहू ने सभी को चौंका दिया। किरण ने 21 किलोमीटर की दौड़ को पूरा किया। वो रनरअप रहीं। दैनिक भास्कर को किरण ने बताया- मैं दो बच्चों की मांग हूं दूसरें के घरों मंे गुजारे के लिए कुकिंग करती हूं। पिछले साल से ही खेलों में अपनी रुचि को फिर से जिंदा करने के लिए दौड़ना शुरू किया। किरण बताती है कि उनके परिवार के लोगों ने भी उन्हें काफी सहयोग किया । लिगामेंट में चोट फिर भी दौड़ी और जीती
राजनांदगांव की रहने वाली आदिवासी युवती नीता सलामे ने बताया कि उन्हें लिगामेंट में चोट आ गई थी। इसके बाद भी नीता ने 21 किलोमटर की मैराथन को अंडर 30 कैटेगरी में जीता। नीता राजनांदगांव की रहने वाली हैं उन्होंने बताया कि हमारे शहर में खेल सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। नीता ने बताया कि मेरे पिता को मेरे खेल की वजह से काफी कुछ सहना पड़ा समाज के लोगों ने कहा कि लड़की से ये सब मतकरवाओ मगर मेरे पिता मुझे अपना बेटा मानते हैं सपोर्ट करते हैं। 21 किलोमीटर के इवेंट में मनोज ध्रुव ने सबको पीछे छोड़कर जीत हासिल की। मनोज ने बताया कि उनका परिवार खेती किसानी से जुड़ा है । आर्थिक तंगी भी है डायट और अच्छे जूते नहीं है। तो अब जीत की रकम 11 हजार रुपए जो मिले उसे इसमें ही खर्च करेंगे। मनोज ने बताया कि वो आर्मी की तैयारी कर रहे हैं। आगे चलकर इंडियन आर्मी में सिलेक्ट होना चाहते हैं। तस्वीरों में देखिए सोल्जरएथाॅन


