लोगों को राशन देने और बार-बार सर्वर डाउन की समस्या को खत्म करने राजधानी के सभी राशन दुकानों में नई पीओएस यानी थंब इंप्रेशन मशीन लगाई गई है। लेकिन अब इस मशीन ने लोगों के साथ ही दुकानदारों को भी परेशान कर दिया है। इस मशीन में एक बार अंगूठा लगाने पर वेरीफाई नहीं हो रहा है। दो से तीन बार अंगूठा लगाने के बाद ही मशीन काम कर रही है। कई बार तो मशीन बायोमीट्रिक निशान को पहचान ही नहीं पाती है। इस वजह से लोगों की परेशानी खासी बढ़ती ही जा रही है। नई मशीन के काम नहीं करने की वजह से राशन दुकानदारों का संघ भी खासा परेशान है। उन्होंने इसकी शिकायत जिला खाद्य नियंत्रक से की है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे राशन दुकानों को बंद भी रख सकते हैं। गौरतलब है कि राशन दुकानदारों को पहले मंत्रा कंपनी की पॉस मशीन दी गई थी। इसमें थंब कैप्चर कैपेसिटी 05 थी। इस वजह से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार सर्वर की समस्या आ रही थी। शिकायत मिलने पर राज्य सरकार ने मंत्रा कंपनी के अनुबंध को रद्द कर नई मशीनें लगवा दी। राशन दुकानदारों का यह भी आरोप है कि उन्हें दिसंबर के बाद से राशन वितरण का कमीशन नहीं मिला है। अमृत नमक का 30 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 2020 से अब तक का कमीशन नहीं मिला है। नई राशन दुकानों पर लग गया हाई कोर्ट का स्टे शहर में खुलने वाली 59 नई राशन दुकानों का मामला आखिरकार हाई कोर्ट पहुंच गया। कलेक्टर और खाद्य नियंत्रक की लापरवाही की वजह से छह महीने में भी दुकानों का आवंटन नहीं हो पाया। अफसरों के काम करने की लापरवाही से नाराज होकर शोभा प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार और कंकाली पारा प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार की ओर से याचिका दायर की थी। उनकी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने नए दुकानों के आवंटन पर रोक लगाते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है। प्रशासन ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है। खाद्य नियंत्रक ने फिलहाल सूचना जारी कर कहा है कि नई दुकानों का आवंटन अब तब तक नहीं किया जाएगा जब तक हाई कोर्ट से अगला आदेश नहीं आ जाता।


