उदयपुर में बजरी से भरे डंपर ने घर से बाजार जा रहे व्यक्ति को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान मौके पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जाम लगा दिया और शव को सड़क पर रखकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर मौके पर पहुंची सुखेर पुलिस थाना पुलिस ने समझाइश का प्रयास किया। पीड़ित परिवार को करीब छह घंटे बाद 5 लाख का मुआवजा दिया गया, तब जाकर लोग वहां से हटे। घटना उदयपुर शहर से सटे बेदला गांव के खटीकवाड़ा में दोपहर 1.15 बजे की है। जहां बेदला गांव में रहने वाले सत्यनारायण सोलंकी (45) अपने घर से पैदल ही बाजार की तरफ जा रहे थे। इस दौरान वहां से गुजर रहे बजरी से भरे डंपर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बजरी का डंपर सापेटिया से फतहपुरा की तरफ जा रहा था। मौके पर वहां से भाग रहे डंपर ड्राइवर की लोगों ने धुनाई कर दी। सड़क पर शव रखकर परिजनों का प्रदर्शन हादसे के तुरंत बाद आसपास से लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस बीच लोगों ने सत्यनारायण के परिवार के सदस्यों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर घटनास्थल पर ही शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। उचित मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी इस दौरान प्रदर्शन कर रहे परिजन और ग्रामीण परिवार को उचित मुआवजे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे। जिसकी सूचना के बाद सुखेर थाना पुलिस और अन्य थानों से जाब्ता मौके पर बुलाया गया। शाम तक परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग ग्रामीणों ने बताया कि पूरा गांव पीड़ित परिवार के साथ है। उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। मृतक सत्यनारायण सोलंकी घर के बाहर ही पंचर की दुकान चलाता था। उसके दो बेटे हैं और पत्नी प्राइवेट नौकरी करती है। पत्नी और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल इस दौरान खटीक समाज अध्यक्ष संदीप तंवर, पूर्व अध्यक्ष भैरू लाल तंवर, शैलेंद्र चौहान, बड़गांव के निवर्तमान उप प्रधान प्रताप सिंह राठौड़, विक्रांत निमावत सहित कई लोग मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने लगातार पीड़ित परिवार से समझाइश का प्रयास किया। घटना के बाद से ही मौके पर पहुंची पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के दो बेटे है। शाम सवा सात बजे शव उठाया गया पुलिस के लगातार समझाइश के करीब 6 घंटे बाद परिजनों की मांग पूरी हो गई, जिसके बाद रविवार शाम करीब सवा 7 बजे शव उठाया गया। इस दौरान डंपर के मालिक की ओर से हाथों हाथ 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया। बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी की भूमिका अहम रही और उन्होंने सरकारी सहायता भी दिलाने का आश्वासन दिया। डीएसपी राजेश यादव ने बताया कि मौके पर लोगों को समझाइश कराई। उन्होंने बताया कि डंपर चालक को पुलिस ने डिटेन कर दिया है।


