6 पिंजरे-15 ट्रैप कैमरों से नजर, फिर भी शिकारी पकड़ से बाहर

सज्जनगढ़ वन्यजीव अभयारण्य से सटे बड़ी क्षेत्र में किसान पर तेंदुए के हमले की घटना को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन तेंदुआ अब भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन्यजीव विभाग और वन मंडल उत्तर ने तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में 15 ट्रैप कैमरे और 6 पिंजरे लगाए हैं, फिर भी तेंदुआ हर बार कैमरों और पिंजरों को चकमा दे रहा है। तेंदुए को पकड़ने के लिए रोज पिंजरों में बकरे बांधे जा रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। वनकर्मियों के अनुसार, सेंचुरी क्षेत्र में लगे कैमरों में तेंदुए की तस्वीरें कैद हो रही हैं, लेकिन जैसे ही वह सेंचुरी से बाहर आता है, वन मंडल के कैमरों में उसकी कोई तस्वीर रिकॉर्ड नहीं होती। इससे स्पष्ट है कि तेंदुआ लगातार मूवमेंट कर रहा है और हर बार अलग रूट का इस्तेमाल कर रहा है। वन विभाग के अनुसार सेंचुरी क्षेत्र में कुल छह तेंदुए मौजूद हैं, हालांकि बड़ी क्षेत्र में फिलहाल एक ही तेंदुए की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। इसके अलावा शहर की नीमज माता की पहाड़ी पर भी तेंदुओं का मूवमेंट रहता है। यह कई बार शहरी इलाकों में आ जाते हैं। शनिवार को खेत में मिला था किसान का शव उपली बड़ी गांव में शनिवार सुबह खेत में किसान का शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। किसान बाबूलाल गमेती (42) का शव खेत से करीब 500 मीटर दूर मिला। ग्रामीण सुबह खेत में काम करने पहुंचे तो उन्होंने शव देखा। बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार रात की है। बाबूलाल फसल को पानी देने के बाद कुएं के पास बने कमरे की छत पर सो रहे थे। सुबह उनका शव खेत में दूर पड़ा मिला। बाबूलाल के शरीर पर केनाइन (शिकारी जानवर के दांत) जैसे निशान मिले हैं।

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