भास्कर न्यूज | लुधियाना भले ही नगर निगम चुनाव में आप ने सर्वाधिक सीटें जीती हों, लेकिन वोट परसेंट के लिहाज ये परिणाम पार्टी के लिए सुखद नहीं रहा हैं। पंजाब में सरकार बनाने के बाद शहर की सरकार बनाने के लिए यह पहले चुनाव थे, जिसमें आप को कांग्रेस और भाजपा के साथ-साथ ही निर्दलीयों ने कड़ी टक्कर कार दी। नतीजा यह रहा कि कई सीटों पर आप उम्मीदवार दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे। लोकसभा चुनाव के मुकाबले लुधियाना शहरी क्षेत्र में 16,235 वोट कम मिले हैं। पंजाब का लुधियाना नगर निगम सबसे बड़ा निगम है। इस लिहाज से सीएम मान व आप का लुधियाना में अधिक फोकस रहा है। पिछले डेढ़ सालों में सीएम ने 6 से अधिक दौरे किए हैं और कारोबारियों तक से मीटिंग की। इसका मकसद यह था कि सूबे की तरह वह शहरों में आप की सरकारें बना सकें। इसी वजह से डेढ़ महीने पहले जिले के 2 विधायकों को कैबिनेट मंत्री बनाया था। इस चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रोड शो तक किए थे, लेकिन नतीजा उनके मुताबिक नहीं रहा है। टिकट वितरण के दौरान आप विधायक समेत नेता परिवारवाद के आरोपों में जूझते रहे। इसका असर वर्करों पर भी दिखाई दिया और चुनाव से दूरी बना ली। वोटरों को पोलिंग स्टेशन तक लाने में भी वर्करों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसका नतीजा यह रहा कि निगम चुनाव में आप बहुमत से अधिक सीटें जीतने के दावे कर रही थी, लेकिन परिणामों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बहुमत से आप 7 अंक दूर रह गई। हालांकि, आप संगठन इस बात पर खुशी जा रहा है कि उन्होंने 2018 के मुकाबले उनकी सीटें एक से बढ़कर 41 तक पहुंच गई। आप विधायक पत्नियों-बेटों के प्रचार में में व्यस्त रहे और अन्य दावेदारों के लिए फोकस नहीं कर पाए। { महिलाओं को एक हजार रुपये प्रत्येक महीने देने का वादा पूरा नहीं कर पाए। { वालंटियर को टिकट देने के बजाये चहेतों और दूसरे दलों से आए वर्करों को दिए। {सरकार के पिछले ढाई साल के कार्यकाल में कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होने से रोष रहा। {वार्डबंदी में खामियों के कारण मोहल्ले दूसरों में जुड़ गए, इससे वोटर भटकते रहे। लोस में हलका वाइज वोट लुधियाना ईस्ट-28096 लुधियाना साउथ-19289 आत्म नगर -25600 लुधियाना सेंट्रल-20039 -लुधियाना वेस्ट -22461 लुधियाना नॉर्थ -25,172 कुल-वोट- 1,17617


