6 माह में होना था पूरा, पर 24 माह बाद भी अधूरी

भास्कर न्यूज|गिरिडीह मार्च 2024 में शुरू हुआ ​िगरिडीह-पचंबा फोरलेन का िनर्माण कार्य 6 माह में पूरा होना था, लेकिन 24 माह में भी पूरा नहीं हो पाया है। गिरिडीह शहर के टावर चौक से कल्याणडीह‑पचंबा तक बन रही फोर‑लेन सड़क अब भी न सिर्फ अधूरी है, बल्कि राहगीरों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। जहां तहां ​छोड़-छोड़ कर काम किया गया है तो डिवाइडर टेढ़ा-मेढ़ा बना दिया गया है। जो दुर्घटना का कारण बन चुका है। यहां हर ​दूसरे दिन छोटी-बड़ी गाड़ि​यां दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है। डिवाइडर व जहां-तहां क्रॉसिंग से चालकों का संतुलन बिगड़ता है और गाड़ी सीधा डिवाइडर पर चढ़ जाती है। इस फोरलेन की कठिन भरा सफर वाहन चालक रोजाना उठा रहे हैं। 39 करोड़ की लागत से बनने वाली 6.7 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की स्वीकृति 2023 मंे मिली थी। नवादा के मनीषा कंस्ट्रक्शन को टेंडर मिला और मार्च 2023 में इसका शिलान्यास हुआ, जिसे सितंबर 2024 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। सड़क का काम अब भी अधूरा पड़ा है। काम की गति इतनी धीमी है, कि कई स्थानों पर नाली निर्माण अधूरा है या बीच में बंद पड़ा हुआ है, जिससे जाम की समस्या आम हो गई है। पचंबा के रज्जाक चौक के पास करीब 200 मीटर सड़क अधूरा पड़ा है और वहां यातायात अक्सर प्रभावित रहता है। यहां सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने के बजाय एक साइड में बनाकर दूसरी साइड को पगडंडी बना दिया गया है। लिहाजा यहां पार करने में लोगों को न सिर्फ मशक्कत करनी पड़ रही है, बल्कि सामने 11 दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। होली और रमजान के अवसर पर शहर में लोगों की भीड़ बढ़ गई है, जिससे जाम और असुविधा और बढ़ गई है। वहीं पुराने जेल के पास नगर निगम के दुकानों को तोड़ दिया गया, लेकिन सड़क यहां पर भी अटकी हुई है।

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