6 साल की लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद पुंदाग निवासी प्रदीप कुमार साहू को मौजा पुंदाग स्थित 31 डिसमिल पैतृक जमीन पर दखल कब्जा मिल गया। गुरुवार को सिविल कोर्ट रांची से नजीर जीशान इकबाल के नेतृत्व में एक टीम उक्त जमीन पर प्रदीप कुमार साहू को दखल दिलाने के लिए गई थी। टीम में प्लीडर कमिश्नर राजेश कुमार भी शामिल थे। जमीन पर पहुंचने के बाद प्लीडर कमिश्नर द्वारा जमीन को मापा गया। खाता नंबर 308 प्लॉट नंबर 540 से संबंधित 31 डिसमिल जमीन को नाप कर उसे चिह्नित कर मामले के वादी प्रदीप कुमार साहू को जमीन पर कब्जा दिया गया। इससे पूर्व मामले के वादी प्रदीप कुमार साहू ने उक्त जमीन को हासिल करने के लिए वर्ष 2018 में दीवानी मुकदमा दर्ज कराया था। उक्त जमीन पर मामले के विपक्षी रूपा भट्टाचार्य भी फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना दावा कर रहे थे। मामले की सुनवाई सिविल जज अशोक कुमार के कोर्ट में लगातार 6 साल चली। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले के वादी प्रदीप कुमार साहू के पक्ष में फैसला सुनाया और विपक्षी द्वारा तैयार किए गए फर्जी दस्तावेज को कैंसिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले के बाद ही प्रदीप कुमार साहू ने कोर्ट में एक्जीक्यूशन मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें कोर्ट से अनुरोध किया कि उसे पैतृक संपत्ति पर कोर्ट के माध्यम से दखल दिलाया जाए। एक्जीक्यूशन मुकदमे में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने वादी प्रदीप के पक्ष में जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया।


