भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर के वार्ड नंबर-66 में सड़क निर्माण के उद्घाटन को लेकर भाजपा पार्षद रोहित सिक्का और आम आदमी पार्टी से हल्के के विधायक मदन लाल बग्गा के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया। उद्घाटन से पहले ही क्रेडिट को लेकर दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इलाके में उद्घाटन को लेकर शुरू हुई इस सियासी जंग की अब वार्ड की जनता के बीच भी चर्चा है। फिलहाल सड़क का काम आगे होगा या 10 दिन रुकेगा, इस पर अब निगम के अधिकारी ही फैसला लेंगे। लेकिन क्रेडिट की इस लड़ाई ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा पार्षद रोहित सिक्का ने कहा कि इलाके के विकास कार्यों की फाइल पास करवाने के लिए उन्होंने निगम के कई चक्कर लगाए, चप्पल तक घिसा डाली। उन्होंने दावा किया कि राजनीति से ऊपर उठकर वे विधायक को साथ लेकर उद्घाटन करना चाहते थे, लेकिन उन्हें करीब एक घंटा पहले पता चला कि विधायक बिना सूचना दिए उद्घाटन करने पहुंच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मोहल्ले में उद्घाटन का पत्थर क्यों नहीं लगाया गया और पार्षद को जानकारी क्यों नहीं दी गई। वहीं, दूसरी तरफ उसी जगह पर दोबारा उद्घाटन करने पहुंचे विधायक मदन लाल बग्गा ने उन पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मैं छोटी राजनीति नहीं करता। जनता ने वोट देकर जिताया है, मैं पब्लिक के काम करने आया हूं। सुबह से यह मेरा छठा उद्घाटन है। उन्होंने कहा कि चार साल से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं और सभी 16 वार्ड उनके लिए समान हैं। विधायक के अनुसार यह काम एमसी कोटे से नहीं, बल्कि जनरल कोटे से कराया जा रहा है। विधायक ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर यह एमसी कोटे का काम है तो मैं 10 दिन इस इलाके में नहीं आऊंगा। लेकिन अगर जनरल कोटे का है तो 10 दिन काम रुकवाता हूं, ये चालू करवा कर दिखा दें। उन्होंने यह भी दावा किया कि पांच दिन पहले सार्वजनिक रूप से इस उद्घाटन की घोषणा की गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इसका समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 60 लाख रुपए का यह काम निगम फंड से हो रहा है, जबकि वर्क ऑर्डर में विधायक कोटे का जिक्र नहीं है। पार्षद ने कहा कि विधायक विधानसभा से 100 करोड़ रुपए लेकर आएं और विकास करवाएं, लेकिन पार्षद कोटे के काम को अपना बताकर जनता को गुमराह नहीं करवाएं। अगर वे हमें साथ लेकर चलते तो ढोल के साथ उनका स्वागत होता। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।


