वनांचल क्षेत्र पडमनिया में हम है बदलाव थीम पर अनुभूति का आयोजनवन है तो सुरक्षित है हमारा जीवन

वनांचल क्षेत्र पडमनिया में हम है बदलाव थीम पर अनुभूति का आयोजन
वन है तो सुरक्षित है हमारा जीवन
अनूपपुर।
वन है तो सुरक्षित है हमारा जीवन यह संदेश राजेन्द्रग्राम उपवन मंडलाधिकारी बादशाह रावत ने मध्यप्रदेश ईको पर्यटन बोर्ड एवं वन विभाग के सौजन्य से विगत वर्ष 2016 से संचालित शास विद्यालय में अध्यनरत छात्र/छात्राओं को वन, वन्य प्राणियों के संरक्षण, प्रकृति को बनाए रखने के उद्देश्य आयोजित किए जाते अनुभूति कार्यक्रम के तहत अनूपपुर वन मंडल के अंतिम छोर पर वनों से घिरे वन परिक्षेत्र अहिरगवां के पडमनिया में आयोजित किया गया जिसमें पडमनिया शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र/छात्राओं ने पूरे दिन शिविर में रहकर सहभागिता निभाते वन तथा वन्य प्राणियों के महत्व को जान,परख कर अनुभव को अनुभूति किया।
इस दौरान उपवन मंडल अधिकारी राजेंद्रग्राम वादशाह रावत, प्रेरक आशीष सिंह बघेल, वन परिक्षेत्र अधिकारी अजेंद्र सिंह, वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल कार्यवाहक वनपाल जियालाल बघेल, वनरक्षक विनय कुमार पांडेय ने छात्र-छात्राओं को प्रकृति दर्शन के साथ वनों में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजाति के वृक्षों की पहचान, वृक्षों के महत्व, विभिन्न प्रजाति के शाकाहारी एवं मांसाहारी वन्यप्राणियों की पहचान उनके महत्व, खाद्य श्रंखला की जानकारी इस दौरान बरगद के पेड़ के नीचे ध्यान आयोजित कर शांत वातावरण में पक्षियों की आवाज, वृक्षो से गिर ने वाले पत्तों की आवाज का अनुभव प्राप्त किया राजस्थान के अमृतादेवी बिश्नोई द्वारा वृक्षो की कटाई को रोकने के उद्देश्य से चलाए गए चिपको आंदोलन के तहत वृक्षों को बचाए रखने हेतु वृक्षो से चिपक कर वनो एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन किए जाने का संकल्प लिया गया अनुभूति के प्रेरक आशीष सिंह ने वन क्षेत्र में विभिन्न प्रजाति के वृक्षों द्वारा वर्षाकाल की समय वर्षा के पानी को संरक्षित कर छोटे-बड़े नाला, नदी के रूप में पूरे वर्ष पानी दिए जाने के साथ प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, बंद करने का आह्वान करते हुए कपड़े का थैला बनाने का नवाचार स्वयं करते हुए बच्चों से भी कराया उपवन मंडलाधिकारी रावत ने वनविभाग में पदस्थ होने वाले विभिन्न पदों के अधिकारी/कर्मचारियों की पहचान उनके कर्तव्य की जानकारी देते हुए आने वाले समय में वनविभाग में अपनी सेवाएं देने की अपील की उन्होंने कहा कि यदि वन रहेंगे तो हमारा जीवन सुरक्षित रहेगा अन्यथा वनों के ना रहने पर हमें सांस,ऑक्सीजन लेने तक को तरसना पड़ेगा जिसका एक उदाहरण विगत वर्षों पूर्व आए कोरोना जैसी बीमारी के समय पूरे विश्व को देखने को मिला रहा है वन परिक्षेत्र अधिकारी अहिरगवां अजेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को वनों में लगने वाली आंग से वनों को होते नुकसान को रोके जाने हेतु स्वयं एवं अन्य लोगों से रोके जाने का आह्वान करते हुए वन तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण किए जाने की बात कही इस दौरान कार्यवाहक वनपाल जियालाल बघेल एवं वनरक्षक विनय कुमार पांडेय ने वन क्षेत्र की सीमाओं हेतु बनाए जाते मुनारा की जानकारी के साथ दीमक का घर, वन क्षेत्र में वृक्षों को मिलने वाली पोषक तत्वों को स्थल पर दिखाते हुए बताया अनूपपुर जिला मुख्यालय के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ने विभिन्न प्रजाति के जहरीले एवं जहरविहीन सांपों की पहचान उनके महत्व के साथ सर्प दंश से पीड़ित जनों को झाडफूंक एवं अन्य देसी दवाइयो से उपचार कराए जाने से बचते हुए शासकीय चिकित्सालय में जल्द से जल्द लाकर उपचार कराए जाने की बात कहीं इस दौरान बच्चों को महुआ से स्व सहायता समूह द्वारा बनाए गए बिस्कुट प्रदाय किया गया तथा प्लास्टिक से दूर रहने का आह्वान करते हुए वन क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पत्तों के दोना/पत्त्तल में भोजन कराया गया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *