65 हजार में से 41 हजार आयुष्मान कार्ड बने:प्रदेश में बालाघाट फर्स्ट, जिनके फिंगर नहीं आ रहे, उनके लिए यूआईडीएआई से मार्गदर्शन मांगा

प्रदेश में 70 प्लस बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। बीते 3 नवंबर से यह कार्य जारी है। पूरे मप्र में बालाघाट जिला आयुष्मान कार्ड बनाने में पहले स्थान पर है। जिले में 65 हजार 900 आयुष्मान कार्ड के लक्ष्य में 12 दिसंबर तक 41 हजार 289 कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस योजना के लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने के लिए जिले में जनपदों को क्लस्टर में बांटा गया है। जिसमें क्लस्टर प्रभारी और सहायक क्लस्टर ग्रामों में सचिव, जीआरएस, एएनएम, सीएचओ से कोआर्डिनेट कर इसकी जानकारी ले रहे हैं। हालांकि यह लक्ष्य वह है, जिसकी सूची जिला प्रशासन को मिली है। जबकि इसके इतर भी ऐसे और भी 70 प्लस के लोग हैं, जिनका नाम सूची में नहीं है। जिसकी जानकारी भी प्रशासन जुटा रहा है। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के जरिए फ्री इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिले में मिशन मोड पर काम कर रहा है। बालाघाट जिले की रैकिंग फर्स्ट है। जिले में अभियान बनाने का काम जारी है और प्रगति आ रही है। निकाय और जनपदों को क्लस्टर में बांट दिया गया है। जिसमें प्रशासनिक अमला मिलकर काम कर रहा है। कार्ड बनवाने में कई बुजुर्गों को हो रहीं परेशानियां एक सवाल के जवाब में सीईओ अभिषेक सराफ ने बताया कि यह जानकारी है कि कई 70 प्लस के बुजुर्गों के मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं होने के कारण, आधार कार्ड से मोबाइल लिंक कराने के दौरान फिंगर, आंखें और फेस मैच नहीं हो पा रहा है। जिससे उन्हें आयुष्मान कार्ड बनाने में दिक्कतें आ रही है। इसके लिए यूआईडीएआई से मार्गदर्शन चाहा गया है। आयुष्मान कार्ड से सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का काम मिशन मोड में किया जा रहा है, जिसकी कलेक्टर मृणाल मीणा और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, स्वयं मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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