7 माह में श्री दरबार साहिब, एयरपोर्ट और स्कूलों को बम से उड़ाने की 40 धमकियां, आरोपी कोई ट्रेस नहीं

भास्कर न्यूज | अमृतसर शुक्रवार सुबह जिले के 4 स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। स्कूलों को एहतियातन खाली करवा दिया गया और पुलिस के बम और डॉग स्क्वायड ने सर्च अभियान चलाया मगर कुछ नहीं मिला। 7 माह में श्री दरबार साहिब, एयरपोर्ट और स्कूलों को बम से उड़ाने की 40 धमकियां ई-मेल के जरिए मिल चुकी हैं मगर पुलिस अभी तक किसी आरोपी को ट्रेस नहीं कर पाई है। इससे पहले 12 दिसंबर 2025 को 15 स्कूलों को धमकी मिली थी। वहीं शुक्रवार को फिर 4 स्कूलों को सेम पैटर्न से धमकी मिली है। मगर इस बार जीमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले दिसंबर में धमकी देने वाले ने अटोमिक ई-मेल का इस्तेमाल किया था। वहीं शुक्रवार को धमकी भरी ई-मेल में दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में धमाके की चेतावनी के बाद रेलवे पुलिस और जीआरपी को भी अलर्ट कर दिया गया है। प्रमुख स्टेशनों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। जब पुलिस को किसी धमकी भरे ई-मेल की शिकायत मिलती है और जिसमें जान का खतरा या देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला हो, तो उसकी जांच तुरंत शुरू की जाती है। पुलिस को संबंधित ई-मेल से संबंधित कंपनी से तुरंत जानकारी मांगनी पड़ती है। जांच में सबसे पहले आईपी एड्रेस देखा जाता है। अगर आईपी एड्रेस भारत का है तो जांच आसान होती है मगर अगर आईपी एड्रेस विदेश का हो तो जांच मुश्किल हो जाती है। 2 संभावनाएं होती हैं। कई बार जांच प्रक्रिया में एक साल से ज्यादा का समय लग जाता है। ऐसे मामलों को केंद्रीय एजेंसियों को सौंपना बेहतर होता है, ऐसे मामले एनआईए को सौंपने चाहिए। पुलिस की बजाय एनआईए 2 से 3 माह में डिटेल विदेश से ले सकते हैं। साइबर पेट्रोलिंग- हर राज्य की पुलिस को सोशल मीडिया पर नजर रखनी चाहिए ताकि संदिग्ध गतिविधियों को समय रहते पकड़ा जा सके। इसके अलावा सीबीआई के “भारतपोल’ पोर्टल के जरिए विदेशी कंपनियों से जानकारी अपेक्षाकृत जल्दी ली जा सकती है। भारत को अपनी तकनीकी निगरानी व्यवस्था और मजबूत करनी चाहिए। एडवांस सिस्टम, बेहतर मॉनिटरिंग से ऐसे अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकता है। समय रहते कार्रवाई करना ही साइबर अपराध रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। सुबह 9.18 बजे डीपीएस अमृतसर, बीडीएस स्कूल अमृतसर और मेरिटोरियस स्कूल अमृतसर और ब्यास के रॉयल कैंब्रिज स्कूल को ई-मेल के जरिए धमकी मिली कि स्कूलों में 1.11 बजे धमाके होंगे। ई-मेल में “पंजाब हुल खालिस्तान’ लिखते हुए अभिभावकों को ” अपने बच्चे बचाओ’ जैसी चेतावनी दी गई थी। साथ ही खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर के नाम का उल्लेख कर “इंसाफ लेने’ की बात कही गई है। ई-मेल कथित रूप से “खालिस्तान नेशनल आर्मी’ के नाम से भेजा गया है। मेल के अंत में कुछ नाम भी लिखे गए हैं, जिनमें इंजीनियर गुरअनक सिंह, रुकां शाहवाला, डॉ. गुरनिरवैर सिंह और खान रजादा शामिल हैं। मुकेश चौधरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ . 12 दिसंबर, 2025 को 15 स्कूलों में ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। .14 से 31 जुलाई 2025 तक एसजीपीसी के ई-मेल पर 20 बार श्री दरबार साहिब को बम से उड़ाने की धमकियां आई थीं। इस मामले में पुलिस ने खुद कहा था कि आरोपी ने डार्क वैब का इस्तेमाल किया था, उसका लोकेशन बार-बार बदल रहा था। अभी तक मास्टमाइंड को पुलिस पकड़ नहीं पाई है। .21 जुलाई 2025 को एयरपोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी आई। इस मामले में पुलिस अभी तक आरोपियों को नहीं पकड़ पाई है। जिले के पुलिस थानों और चौकियों पर नवंबर 2024 से जनवरी 2025 तक जिले में 11 ग्रेनेड धमाके हो चुके हैं। इनमें एक घटना मंदिर की भी है, जिस पर ग्रेनेड हमला किया गया था। इन सभी धमाकों की जिम्मेदारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल के मुखी रिंदा खालिस्तानी, आतंकवादी हैप्पी पशियां और जीवन फौजी ले रहे थे। मामले की जांच में सोशल मीडिया, टेक्निकल सर्विस टीम और स्टेट साइबर टीमों को शामिल किया गया है ताकि आरोपी को जल्द ट्रेस किया जा सके। इस समय बोर्ड एग्जाम चल रहे हैं और यह शरारती तत्वों की कोई साजिश भी हो सकती है, ताकि एग्जाम को खराब कर सकें। लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। -आलम विजय सिंह, डीसीपी लॉ एंड अॉर्डर स्कूलों को मिली धमकी भरी ई-मेल।

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