दुर्ग जिले के ग्राम उतई में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब शादी में शामिल होने पहुंचे परिजन का 7 साल बेटा तालाब में डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। उतई पुलिस मामले की जांच कर रही है। उतई पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उतई में एक शीतला तालाब स्थित है। उसकी के पास ही देवेश साहू का मकान है। उनके घर में शादी का कार्यक्रम था। 8 मई को हल्दी का कार्यक्रम था। इसी दौरान उनके यहां कुछ मेहमान भी घर में आए थे। 8 मई की सुबह परिजन तालाब में नहाने गए थे। नहाने के दौरान ही 7 साल का बच्चा मानस नहाते नहाते गहरे पानी में चला गया और डूब गया। जब परिवार वालों को पता चला तो वो लोग उसे बचाने के लिए चिल्लाए। पूरे परिवार में चींख पुकार मच गई। लोग दौड़े और तालाब से मासूम के शव को बाहर निकाला। शव को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत से पूरा परिवार सदमें आ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मर्ग कायम परिजनो से पूछताछ कर रही है। एक पल में खुशियां बदल गई मातम में एक पल पहले जो परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त था, उसी पल सब कुछ ठहर गया। शहनाई की जगह रोने की आवाजें आने लगी। शादी वाले घर में मातम पसर गया। इस हादसे के बाद परिवार और मोहल्ले वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। मुरुम खनन को बताया हादसे का कारण मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय निवासियों ने उतई नगर पंचायत पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने इसको लेकर नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि कई बार पंचायत को तालाब की गहराई को लेकर आवेदन दिया गया था। यहां अवैध मुरूम खनन के चलते तालाब काफी गहरा हो गया था, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ है। 10 हजार रुपए की दी आर्थिक सहायता उतई नगर पंचायत के सीएमओ राजेंद्र नायक ने कहा कि बच्चा परिवार के साथ नहाने गया था और गहराई में जाने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि फिलहाल तालाब का जलस्तर कम किया जा रहा है। पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।


