सात साल इंतजार के बाद फूड सेफ्टी ऑफिसर बने दो अधिकारियों को ट्रेनिंग के दौरान मनचाही पोस्टिंग दिलाने के लिए अन्य साथियों से डेढ़ से दो लाख रुपए में डील करने के आरोपों की पुष्टि के बाद सेवा से बर्खास्त किया गया है। आयुक्त (फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल) टी. शुभमंगला ने गंभीर कदाचार की श्रेणी में मानते हुए आदेश जारी कर नवनियुक्त एफएसओ राजेंद्र बुढ़ानिया और नीलम कुमारी को बर्खास्त कर दिया है। दोनों अधिकारी प्रोबेशन पीरियड में प्रशिक्षण ले रहे थे। साल 2019 और 2022 भर्ती में चयनित 225 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय में गत वर्ष 15 दिसंबर को पोस्टिंग दी गई थी। 7 साल तक भर्ती कोर्ट में अटकी रही। कैंडिडेट्स को 5 से 23 जनवरी तक देश के कई राज्यों से आए अधिकारियों ने फील्ड में काम करने की ट्रेनिंग दी, मगर चयनित दो अफसरों ने भ्रष्टाचार शुरू कर दिया। विभाग को मौखिक शिकायत मिली कि कुछ कैंडिडेट ट्रेनिंग खत्म होने से पहले ही मनचाही जगह पर पोस्टिंग के लिए डेढ़ से 2 लाख रुपए में डील कर रहे हैं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की कमेटी गठित की। डिकॉय ऑपरेशन चलाकर आरोपों की पुष्टि की गई। फील्ड ट्रेनिंग में भी दोनों को नहीं भेजा: फूड सेफ्टी एक्ट के अनुसार 27 जनवरी से पांच मार्च तक विभिन्न जिलों में आयोजित फील्ड ट्रेनिंग में भी दोनों को ही नहीं भेजा गया। ऐसे हुआ खुलासा – टीम ने दोनों से डमी बनकर फोन पर बातचीत की शिकायत के बाद सात सदस्यीय जांच कमेटी गठित की, जिसमें एडिशनल कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर और लीगल एक्सपर्ट समेत अन्य शामिल थे। सदस्यों को दोनों पर संदेह होने पर डिकॉय ऑपरेशन चलाकर फोन पर बातचीत की। राजेंद्र और नीलम ने पैसों के बदले मनचाही पोस्टिंग दिलाने का आश्वासन दिया। टीम के सदस्यों ने बोला कि पोस्टिंग ऑनलाइन होगी, तो दोनों बोले हम देख लेंगे। कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर कमेटी के सामने पेश किया। 10 फरवरी को दोनों अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए गए।


