भास्कर न्यूज | कोंडागांव जिला मुख्यालय में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला ऐतिहासिक फागुन मड़ई मंगलवार से देव परिक्रमा के साथ विधिवत प्रारंभ हो गया है। यह भव्य पारंपरिक मेला पूरे एक सप्ताह तक संचालित होगा, जिसमें आदिवासी संस्कृति, आस्था और आधुनिक उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मेले की शुरुआत सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि में दंतेश्वरी मावली माता मंदिर तथा भंगाराम बाबा मंदिर में आयोजित निशा जात्रा से हुई। पारंपरिक पूजा-अर्चना और स्थानीय धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मेले का आध्यात्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। मंगलवार सुबह मावली माता दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में 22 पाली के देवी-देवताओं की भव्य देव परिक्रमा के साथ मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ। परंपरा के अनुसार कोंडागांव नगर क्षेत्र के 10 पाली तथा पलारी क्षेत्र के 12 पाली के देवी-देवता अपने-अपने वाहन, सवार और भक्तों की टोली के साथ मेला स्थल पहुंचे। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह मेला लगभग 700 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ा हुआ है। हर वर्ष सभी 22 पाली के देवी-देवता मावली माता दंतेश्वरी प्रांगण, बाजारपारा में एकत्र होकर जात्रा और परिक्रमा करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार भंगाराम देव, कुंवर बाबा देव, रेवा गुड़िन माता, काली कंकालीन माता और हिंगलाजिन माता इस आयोजन के प्रमुख देव रूपों में शामिल माने जाते हैं।


