विश्नोई समाज और अन्य 36 कौम ने अब 8 मार्च की जगह 10 मार्च को जैसलमेर बंद का आह्वान किया है। दरअसल, जिले में होने वाली राज्यपाल की यात्रा की देखते हुए जैसलमेर बंद की तारीख को बदला गया। पर्यावरण संघर्ष समिति खेजड़ला, के संयोजक रामगोपाल विश्नोई ने बताया कि 9 मार्च को शाम को सात बजे मशाल जुलूस निकालेंगे। सरकार से राज्य वृक्ष के संरक्षण और राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर 10 मार्च को बंद का आह्वान किया गया है। जैसलमेर में 10 मार्च को दोपहर 2 बजे तक बंद का आह्वान किया गया है। संयोजक रामगोपाल विश्नोई ने बताया- 18 जुलाई 2024 से नोखा दईया खेजडलाकी रोही में धरना चल रहा है। पिछले दिनों बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, सांचोर, बाड़मेर वहां की जनता सफल बंद करवा चुकी है। इसी क्रम में जैसलमेर बंद का फैसला किया है। जिले में राज्यपाल कि विजिट को देखते हुए आठ मार्च कि जगह अब 10 मार्च को बंद का आह्वान किया गया है। जैसलमेर में सुबह 11 बजे बंद के बाद गड़ीसर चौराहे से मार्केट के अंदर से होते हुए जिला कलक्टर कार्यालय तक रैली निकाली जाएगी जो वहां सभा में तब्दील होगी। गुरुवार को जैसलमेर जिला बिश्नोई संस्थान, पोकरण के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन देकर अवगत भी करवाया गया है। विश्नोई ने बताया कि 36 कौम पर्यावरण संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में एक दिन जैसलमेर बंद का आह्वान है। उन्होंने सभी पर्यावरण प्रेमियों और लोगों से इस बंद का समर्थन करने कि मांग की है। पेड़ों की कटाई का हो रहा विरोध रामगोपाल विश्नोई ने बताया कि तापमान में वृद्धि से क्लाइमेंट चेंज आज विश्व पर्यावरण की सबसे बड़ी समस्या के रूप में उभरकर सामने आई है। देश व प्रदेश की सरकार भी “एक पेड़ मां के नाम ” से अभियान चला रही है। प्रदूषण की वजह से तापमान में अत्यधिक वृद्धि हो रही है। गोचर व देवी देवताओं के नाम पर संरक्षित अभ्यारण (ओरण) के भी बहुत बुरे हाल हैं। सरकार से राज्य वृक्ष के संरक्षण तथा राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर 18 जुलाई 2024 से नोखा दईया खेजडलाकी रोही में धरना चल रहा है। इस दौरान प्रकाश विश्नोई, निम्बाराम विश्नोई, शिवप्रताप विश्नोई खेतोलाई, सोहन राम विश्नोई, मानक राम, रविन्द्र विश्नोई समेत कई लोग मौजूद रहे।


