भरतपुर केंद्रीय बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मचारी 8 मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। यह धरना दो दिवसीय रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी वह कई बार धरना दे चुके हैं लेकिन, हमारी सुनवाई नहीं हुई। अबकी बार सभी कर्मचारी धरने पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए पहुंचे हैं। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो, आंदोलन उग्र किया जाएगा। कई बार आंदोलन के बाद भी नहीं हुई सुनवाई राजस्थान स्टेट रोडवेज यूनियन एटक प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि हमारी रिटायर्ड कर्मचारी और कार्यरत कर्मचारियों की काफी लंबे से समस्या चल रही है। हमने समय-समय पर सरकार और रोडवेज के अधिकारियों को ज्ञापन दिए। साथ ही छोटे-मोटे धरना प्रदर्शन और रैलियां की थी। उसके बाद भी सरकार और उच्च प्रबंधन के कान पर जूं नहीं रैंगा। 2 फ़रवरी को दिया था ज्ञापन
2 फ़रवरी को सभी समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया। साथ ही निवेदन किया गया कि रिटायर्ड कर्मचारियों और सेवारत कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करें। आज तक उच्च प्रबंधन की तरफ से कोई जवाब हमारे पास नहीं आया। न तो हमारी समस्या का समाधान किया और न ही हमारे प्रदेश नेतृत्व को सरकार के द्वारा आमंत्रित किया गया। आंदोलन तेज करने की चेतावनी जब रोडवेज कर्मचारियों की सुनवाई नहीं हुई तो, यूनियन के पदाधिकारियों यह निर्णय लिया कि प्रदेश में सभी जगह दो दिवसीय धरना दिया जाए। अगर सरकार ने हमारे धरना प्रदर्शन को नजरअंदाज किया तो, आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। यह हैं मांगे


