सूरजगढ़ थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो कमीशन के लालच में साइबर ठगों के संगठित गिरोह को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था। इस खाते के जरिए महज 7-8 महीनों में 97 लाख रुपये से अधिक का अवैध लेनदेन किया गया है। पुलिस ने मामले में एक मुख्य साथी को भी नामजद किया है, जिसकी तलाश जारी है। 2 लाख प्रति माह का था सौदा पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी विजयपाल ने स्वीकार किया कि उसने सीकर निवासी जयन्त मोयल के झांसे में आकर अपना बैंक ऑफ बड़ौदा का खाता उसे सौंप दिया था। जयन्त ने उसे आश्वासन दिया था कि खाते के उपयोग के बदले उसे हर महीने 2 लाख रुपये खर्च के तौर पर दिए जाएंगे। इसी लालच में आकर विजयपाल ने अपने खाते की पूरी एक्सेस (नेट बैंकिंग/UPI) साइबर ठगों के गिरोह को दे दी। ऐसे खुला ठगी का ‘नेटवर्क’ नेशनल साइबर पोर्टल (समन्वय पोर्टल) पर विजयपाल के खाता संख्या 22570200000146 के खिलाफ देश भर से 49 शिकायतें दर्ज हुई थीं। जब पोर्टल से प्राप्त इन शिकायतों की जांच की गई, तो पुलिस की कड़ियाँ जुड़ती चली गईं। थानाधिकारी DSP दौलतराम ने बताया कि जुलाई 2025 से 14 फरवरी 2026 के बीच। कुल 97,04,805 रुपये का ट्रांजैक्शन पाया गया। गिरोह के सदस्य मासूम लोगों से ठगी कर पैसा विजयपाल के खाते में ट्रांसफर करवाते थे और फिर उसे तुरंत निकाल लिया जाता था।


