8 लाख जुटाकर एयर एंबुलेंस बुक की, क्रैश में मौत:बर्न मरीज को लेकर रांची से दिल्ली जा रहे थे, पेशेंट-पायलट समेत 7 की गई जान

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई। इसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो पायलट (कैप्टन विवेक, कैप्टन सबराजदीप), मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा ध्रुव कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। संजय कुमार के बड़े भाई विजय कुमार ने बताया, ‘संजय शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 65 फीसदी झुलस गए थे। रांची के हॉस्पिटल ने दिल्ली रेफर किया था, लेकिन सीरियस कंडिशन के कारण सड़क के रास्ते नहीं ले जा सकते थे। हमने बड़ी मुश्किल से साढ़ 7 लाख रुपए जमा किए। रांची से निकले ही थे कि एयर एंबुलेंस क्रैश कर गया, जिसमें भाई, उसकी पत्नी और भांजे की भी मौत हो गई।’ हादसे से जुड़ी 2 तस्वीरें… छह दिन पहले झुलस गए थे संजय चंदवा निवासी व्यवसायी संजय कुमार 6 दिन पहले 65% तक झुलस गए थे। पलामू स्थित उनके लाइन होटल में पांच दिन पहले शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, जिसमें पैर फिसलने से वे आग की चपेट में आ गए। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर दिल्ली भेजा जा रहा था। संजय के दो बेटे हैं। शुभम (17) और शिवम (13)। परिवार दिल्ली ले जाना चाहता थाः हॉस्पिटल मरीज के संबंध में रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO, अनंत सिन्हा ने न्यूज एजेंसी को बताया, “संजय कुमार (41) को 16 फरवरी को 65 परसेंट जलने की हालत में हॉस्पिटल लाया गया था। हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। बताया कि परिवार वालों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया। मरीज लगभग 4.30 बजे हॉस्पिटल से दिल्ली के लिए निकला। एयर एम्बुलेंस का इंतजाम एक मरीज ने किया था।’ 7.5 लाख में बुक की, 2.50 लाख कम पड़े तो गांव से मंगाए मृतक संजय कुमार के भाई ने बताया, ‘रेडबर्ड एयरवेज प्रा. लि. कंपनी की एयर एंबुलेंस के लिए किसी तरह साढ़े 7 लाख रुपए जुटाए गए। 2.50 लाख कम थे, तो एयरक्राफ्ट कंपनी ने जाने से मना किया।’ आरोप है कि पूरी राशि नहीं मिलने पर कंपनी ने मरीज को लेकर उड़ान भरने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद वे चंदवा स्थित अपने घर लौटे और एक परिचित से पैसे की व्यवस्था कर वो दोबारा रांची पहुंचे। बाकी के 2.50 लाख रुपए देने के बाद ही विमान उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ। उड़ान के 23 मिनट बाद हादसा एयर एबुलेंस ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता एटीसी से संपर्क टूट गया। रात 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया।। इसके बाद प्लेन क्रैश की खबर मिली। खराब मौसम से हादसा होने का शक शुरुआती रिपोर्ट में खराब मौसम को कारण माना जा रहा है। सोमवार को देर शाम अचानक झारखंड का मौसम बदल गया था। तेज हवा और झमाझम बारिश होने लगी थी। विमान अपने निर्धारित रूट से दाईं ओर डायवर्ट हो गया था और रास्ता भटक गया। ग्रामीणों ने बताया कि रात करीब 7.45 जंगल से अचानक धमाके की जोरदार आवाज सुनाई दी। इससे ग्रामीण सहम गए। हादसे के तीन संभावित कारण स्वास्थ्य मंत्री बोले- यहां बेहतर हॉस्पिटल होते तो घटना नहीं होती हादसे के बाद सभी के शव को चतरा सदर अस्पताल लाया गया। वहीं मौके पर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी पहुंचे। मौके पर मौजूद मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा, ‘झारखंड में अस्पताल की बेहतर व्यवस्था नहीं है। अगर व्यवस्था सही होती तो हम बाहर मरीज को क्यों भेजते।’ उन्होंने कहा, ‘मैं झारखंड में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाना चाहता हूं पर लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि एयर मेडिकल एम्बुलेंस दुर्घटना में जो 7 लोग मरे हम उनके परिजनों के साथ हैं।’ पूरे मामले की जांच कराने की भी बात उन्होंने कही। वहीं चतरा के सांसद, विधायक सहित तमाम सियासत के लोग मौजूद रहे। हादसे को लेकर चतरा विधायक जर्नादन पासवान ने कहा, ‘मरने वाले सभी स्थानीय थे। पहले तो विश्वास ही नहीं हो रहा था कि इस तरह की घटना हुई है। काफी देर रात तक नींद नहीं आई। ईश्वर परिवार को दु:ख सहने की शक्ति दे। सरकार इस घटना पर संज्ञान लें। प्रभावित लोगों के परिवार के लिए मुआवजा की व्यवस्था करे। यह घटना मर्माहत करने वाली है।’ वहीं चतरा के सांसद कालीचरण सिंह ने कहा, ‘यह बड़ी त्रासदी है। सात-सात परिवार का एक साथ खत्म हो जाना मायने रखता है। मरने वाले सभी चतरा लोकसभा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इस तरह की घटना पर क्या कहा जाए। घटना पर कुछ बोलने के लिए शब्द नहीं है। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि मृतक के परिवार वालों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा दे।’

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *