शिवपुरी के कोलारस की सहकारी बैंक की शाखा में हुए 80 करोड़ 56 लाख रुपए के गबन में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने 14 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया था। जिसमें सौरभ मेहर को गुना से गिरफ्तार किया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में जिले भरे के 1 लाख खाता धारकों के करीब 294 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। बैंक की कोलारस शाखा में से 9 साल से गबन चल रहा था। राज्य स्तरीय जांच दल ने 2021 में जांच कर 80.56 करोड़ के बैंक गबन की रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद उपायुक्त सहकारिता ने जनवरी 2022 में कोलारस पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कोलारस पुलिस ने तत्कालीन महाप्रबंधक एएस कुशवाह, डीके सागर, वायकेसिंह और लता कृष्णन सहित हेड ऑफिस ब्रांच के सीबीएस प्रभारी प्रभात भार्गव, लेखा शाखा प्रभारी रामप्रकाश त्यागी, सहायक लेखापाल हरिवंश शरण श्रीवास्तव, कोलारस शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर ज्ञानेंद्र दत्त शुक्ला, रमेश कुमार राजपूत, राकेश कुलश्रेष्ठ, सौरभ मेहर, बैंकिंग सहायक यादवेंद्र सिंह यादव, चपरासी राकेश पाराशर, तत्कालीन ब्रांच मैनेज श्रीकृष्ण शर्मा सहित 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इन आरोपियों में चपरासी राकेश पाराशर की धोखाधड़ी और बैंक घोटाले के अन्य मामले में गिरफ्तारी हो चुकी हैं। वहीं, तत्कालीन ब्रांच मैनेज श्रीकृष्ण शर्मा की मौत हो चुकी हैं। गुना से गिरफ्तार हुआ पहला आरोपी कोलारस एसडीओपी विजय सिंह यादव ने बताया जिला सहकारी बैंक की शाखा कोलारस में हुए गबन में पहली गिरफ्तारी आरोपी सौरभ मेहर के रूप में की गई हैं। सौरभ को गुना से गिरफ्तार किया गया है। सौरभ ने अपनी यूजर आईडी का उपयोग कर अवैध रूप से करीब 26 करोड़ की राशि डेबिट कर गबन किया था।


