9 माह में राजस्व वसूली महज 56.85%, तीन माह में 43.15% उगाही बड़ी चुनौती

चालू वित्तीय वर्ष के नौ माह में राज्य की अपनी राजस्व वसूली महज 56.85 फीसदी ही हुई है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए शेष तीन माह में 43.15 फीसदी उगाही करनी होगी, जो बड़ी चुनौती है। वर्ष 2024-25 में सरकार ने राज्य (वाणिज्य) कर विभाग, उत्पाद विभाग, खनन विभाग, परिवहन विभाग, भू राजस्व एवं निबंधन विभाग की वसूली का लक्ष्य 49,700 करोड़ निर्धारित किया है। इनमें से अब तक 28,253 करोड़ रुपए की ही वसूली हो पाई है। यह लक्ष्य से 21,427 करोड़ रुपए पीछे है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजस्व संग्रहण बढ़ाने और नए स्रोत तलाशने के लिए सभी विभागों को निर्देश दे रखा है। सरकार लगातार राजस्व लक्ष्य को पूरा करने और अधिक से अधिक वसूली पर जोर दे रही है। लेकिन लक्ष्य पूरा करना संभव नहीं दिख रहा है। जानकारों का मानना है कि राज्य के वित्तीय प्रबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। घोषित और तय योजनाओं को समय से पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों का जुगाड़ करना होगा। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 का मूल बजट 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ का है। अबतक इसमें से करीब 58,000 करोड़ रुपए ही खर्च हुए हैं। विकास और स्कीम के 82,830 करोड़ के योजना बजट में से करीब 52 फीसदी राशि ही खर्च हुई है। फिर भी पेयजल समेत कई योजनाओं के लिए पैसों का संकट शुरू हो गया है। सरकार इसका उपाय करने में जुटी है। राजस्व वसूली का 90% वेतन-पेंशन व ब्याज पर खर्च सरकार को राजस्व वसूली से जो पैसे मिल रहे हैं, उनमें 90% राशि वेतन, पेंशन व ब्याज पर खर्च हो रहा है। विकास के लिए धन जुटाना मुश्किल है। केंद्रीय सहायता ओर उधार-ऋण से आए पैसे पर ही विकास निर्भर है। राज्य में कुल स्वीकृत पांच लाख पदों की तुलना में करीब दो लाख अधिकारी-कर्मचारी ही कार्यरत हैं। सरकार ने बड़े पैमाने पर नियुक्ति करने की घोषणा की है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। नियुक्ति के बाद खर्च और बढ़ेगा। वहीं ओल्ड पेंशन स्कीम लागू होने से आने वाले दिनों में और बोझ बढ़ेगा। वहीं घोषणाओं को पूरा करने के लिए भी सरकार को अतिरिक्त वित्तीय संसाधन जुटाने होंगे। जरूरी खर्च के लिए सरकार ने विभागों के पैसे सरेंडर कराए नई सरकार बनने के बाद मंईंयां योजना समेत कई जरूरी खर्च के लिए 15 विभागों से योजना के पैसे सरेंडर कराकर और द्वितीय अनुपूरक बजट से पैसों का इंतजाम किया गया था। इसके बाद सरकार ने वित्तीय हालात को सुधारने और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने व राज्य की आय में बढ़ोतरी को लेकर एक विशेष समिति बनाई है। वित्त विभाग के विशेष सचिव की अध्यक्षता में बनी समिति में खान निदेशक, वाणिज्य कर आयुक्त और महाधिवक्ता के प्रतिनिधि शामिल हैं। वसूली में विभागों की स्थिति विभाग लक्ष्य वसूली पीछे वाणिज्य कर 26000 16094 9906 खान भूतत्व 15500 7500 8000 उत्पाद 2700 1985 715 परिवहन 2350 1421 929 भूराजस्व 1700 326 1374 निबंधन 1450 927 523 कुल 49700 28253 21427 वित्त मंत्री आज करेंगे समीक्षा बैठक… वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर गुरुवार को “राजस्व वृद्धि-चुनौतियां व समाधान” विषय पर समीक्षा बैठक करेंगे। प्रोजेक्ट बिल्डिंग सभागार में यह बैठक होगी। इससे पहले बुधवार को मुख्य सचिव ने भी राजस्व स्थिति और अधिक संसाधन जुटाने के लिए बनी विशेष समिति के साथ बैठक की थी। वर्तमान राजस्व की स्थिति की जानकारी ली थी। {आंकड़े 31 दिसंबर 2024 तक के हैं

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