मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्कूली व्यवस्था का मजाक बनने से रोकने की गुहार लगाई है। संघ के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने बयान जारी कर कहा है कि शिक्षक ने जवानी में वेड टच नहीं किया और बुढ़ापे में ऐसे आरोप षड़यंत्र की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से भी पूरी जांच कर संतुष्ट होने पर ही आगे की कार्यवाही करने की मांग की है। शर्मा ने कहा कि संबंधित शिक्षक 20 साल से उस स्कूल में पदस्थ है। इतने सालों में उस पर कोई आरोप नहीं लगा और दो साल से शिकायतें क्यों होने लगीं। आज जब वह 61 साल का हो गया है, एक साल बाद रिटायर होने वाला है, तो ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का स्कूल के स्टाफ में ही विवाद चल रहा था। इसे लेकर शिकायतें और जांचें हुईं। शिक्षक एक साल पहले आशंका व्यक्त कर चुका था कि उसके साथ किसी दिन कोई बड़ी घटना हो जाएगी। वह अधिकारियों से स्कूल से हटाने की गुहार भी लगा चुका था पर किसी न नहीं सुना। शर्मा कहते हैं कि घटना के एक दिन पहले भी शिक्षक को बुरा करने की धमकी दी गई थी। वहीं जिस छात्रा की मां आरोप लगा रही है, घटना के एक दिन पहले बेटी की शिकायत करने पर वह संबंधित शिक्षक से फोन पर अच्छे से बात कर रही थी। शिक्षक के प्रति उसका बर्ताव तब सामान्य क्यों था। ऐसे कई सवाल उठ रहे हैं। शर्मा कहते हैं कि शिक्षक के खिलाफ कोई भी कार्यवाही करने से पहले मामले की पूरी तरह से जांच कराई जाए और जांच से संतुष्ट होने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाए। वे कहते हैं कि रशीदिया ऐसा स्कूल है, जहां हमेशा से 80% शिक्षिकाएं पदस्थ रही हैं।


