बड़वानी के अंजड की शिक्षक कालोनी निवासी रामेश्वर चौहान की गुरुवार रात मौत हो गई। वह कैंसर से ग्रसित थे। वे ठीकरी जनपद पंचायत में पंचायत समन्वयक के पद पर पदस्थ थे। गुरुवार को मृत पिता की अर्थी को कंधा देकर छोटी बेटी नर्मदा तट श्मशान घाट तक पहुंची और अपने पिता को मुखाग्नि दी। मृतक की बेटी ने कहा कि पिताजी बेटा ही मानते थे, उनका अंतिम संस्कार कर मैंने अपना फर्ज निभाया है। पिता के निधन से दुखी छोटी बेटी प्रियंका चौहान बड़े भारी मन से पिता की अंतिम यात्रा में शामिल हुई। शमशान घाट में आंखों से छलक रहे आसुंओं के बीच उन्होंने अपने पिता को मुखाग्नि दी। बेटी को उसके पिता को मुखाग्नि देते देखकर वहां उपस्थितजनों की भी आंखें नम हो गई। अंतिम यात्रा में चौहान के गृहग्राम ब्राह्मणगांव से परिवार के सदस्यों सहित रिश्तेदार और सहकर्मी शामिल हुए।


