जालोर जिला परिषद की साधारण बैठक में सांचौर जिले का मुद्दा छाया रहा। जिला परिषद सभा भवन में बैठक शुक्रवार को जिला प्रमुख राजेश राणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विधानसभा मुख्य सचेतक व विधायक जोगेश्वर गर्ग बार-बार पिछली सरकार की कमियां गिनाने लगे। इस दौरान कांग्रेस से जीत कर आए जिला परिषद सदस्य रामाराम ने जोगेश्वर गर्ग को कहा कि आप बार-बार हमारी सरकार पर आरोप लगा रहे हो तो अब आपकी सरकार है सबकुछ ठीक कर दो। इससे नाराज अन्य सदस्यों ने भी विरोध किया, जिससे पूरी बैठक हंगामे की भेट चढ़ गई। जिला परिषद की बैठक सुबह करीब 11.30 बजे शुरू हुई। बैठक की शुरुआत में सभी सदस्यों ने परिषद की बैठक 11 महीने बाद होने पर सभी सदस्यों ने नाराजगी जताई। हालांकि मौके पर मौजूद जिला प्रमुख सहित अन्य अधिकारियों की समझाइश पर मामला शांत हुआ और परिषद की कार्यवाही को आगे बढाया। लंबे समय बाद बैठक होने पर जताई नाराजगी बैठक काफी देर तक शांतिपूर्ण चली लेकिन जब मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग कई खामियों को लेकर पिछली गहलोत सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे थे और बार-बार भाजपा सरकार की बात को लेकर जिले के अधिकारियों से बोले कि कोई भी काम को लेकर विभाग के अधिकारी ठेकेदारों के बिल काम पूरा होने से पहले पास नही करें। ठेकेदारों का साथ देने वाली सरकार गई। इस पर कांग्रेस से जीत कर आए जिला परिषद सदस्य रामाराम ने जोगेश्वर गर्ग को कहा कि आप बार-बार हमारी सरकार पर आरोप लगा रहे हो तो अब आपकी सरकार है सबकुछ ठीक कर दो, मेरे क्षेत्र में काफी समय से स्कूलों में शिक्षक के पद खाली पड़े हैं। इस पर गर्ग बोले की वह पद करीब 4 साल पिछली सरकार के समय से खाली पड़े हैं। इस पर रामाराम बोले की दो बार जिला परिषद सदस्य जीतकर आया हूं। कुछ तो काम किया होगा, तब जीत कर आया हुूं। इस पर जोगेश्वर गर्ग बोले कि अबकी बार जीत कर दिखा देना। इस पर सदस्य रामाराम आक्रोशित हो गए और अपनी सीट से उठकर इस्तीफा देने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास पहुंच गए। इसके बाद कई सदस्यों ने उन्हें ऐसा नहीं करने की बात कही। जोगेश्वर ने सदस्य को कहा कि पिछली सरकार में कई कामों में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत रही। आप भ्रष्टाचार करने वाले चोरों का समर्थन मत दो। मुख्य सचेतक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ठेकेदारों से दोस्ती बंद कर दो नहीं तो उल्टा लटका देंगे, अब वो सरकार गई। जो ठेकेदारों का साथ देती थी। परिषद की बैठक में सांचौर जिला बहाल करने की मांग बैठक में प्रवीण विश्नोई ने सांचौर जिला को बहाल करने का लिख तख्ती से जिला बहाल करने की मांग की। जिस पर रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने बताया कि सांचौर जिला रहे, हम भी चाहते है। लेकिन आप ही बता दो कि सांचौर में कौन रहना चाहते है। हम आज ही फिर प्रस्ताव बनाकर भेज देगे। जिस पर सदस्य प्रवीण माली ने कहां कांग्रेस की सरकार ने हमे जिला दिया था लेकिन मंत्री जोगाराम ने कहा है कि पिछली सरकार के दो विधायक चाहते है कि सांचौर जिला नही रहना चाहिए।
इसके बाद रानीवाड़ा विधायक बोले हम तो चाहते कि जिला रहना चाहिए। लेकिन रानीवाड़ा व बागोड़ा तहसील के लोग सांचौर जिले में नही करना चाहते हैं, यह जरूर बात हुई थी लेकिन यह नही कहा कि जिला रद्द होना चाहिए। जिस दिन जिला बनाया उस दिन पूछ लेते कि जिले का सीमाकंन क्या करना है। फिर भी हमने साथ दिया, साथ आकर खड़े रहे। हमने नहीं कहा कि रात में जिला बनाया है। जिन्होंने कहा, उन्होने कहा होगा। हमारे मुख्यमंत्री आए थे। जिसके बाद सभी सांचौर के जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री के पास अकेले गये। तब मुझे व भीनमाल विधायक को भी ले जाते तो हम भी हमारी जिम्मेदारी तय कर देते। तब तो अकेले चले गए थे। अगर सीमांकन सही होता तो आज यह स्थिति नही बनती। सरकार कोई भी गलत कर सकती है। हम यह नही कह सकते की सरकार ने गलत नही किया। कुछ कमियां रही है। इसी लिए भुगत रहे है। जिला परिषद सदस्य प्रवीण विश्नोई ने सवाल उठाया कि ट्रांसफॉर्मर जल जाता है तो किसान को लेने जाना पड़ता है और उसके बदले जो राशि मिलती है वो ठेकेदार उठाता है, साथ ही पूर्व में इसको लेकर कमेटी कमेटी बनाने की मांग की थी लेकिन उसका अभी तक कुछ नहीं हुआ। इसका जवाब देते हुए एसई डिस्कोम ने कहा कि किसान के खाते में 700 रुपए जमा किए जाते हैं। जिला परिषद सदस्य प्रवीण माली ने स्कूलों के आगे स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की, जिस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन रमेश सिंगारिया ने कहा कि जल्द ही जिले में सभी स्कूलों और अस्पतालों के आगे स्पीड ब्रेकर बनाये जाएंगे, इसको लेकर काम शुरू कर दिया है। वहीं जिस स्कूलों में जहां शौचालय नहीं बने हुए हैं, उन स्कूलों को चिह्नित कर रिपोर्ट बनाने की बात मुख्य सचेतक ने कही। ताकि कोई भी विद्यालय बिना टॉयलेट के नहीं रहे। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पिंक टॉयलेट स्वीकृत हुए उसको समय पर पूरा करने की बात कही। सदस्य प्रवीण माली ने भालनी में बालिकाओं के लिए अलग स्कूल की मांग की। पेयजल के मुद्दे पर जवाब देते हुए एक्सईएन जलदाय विभाग जितेन्द्र त्रिवेदी ने कहा कि शहर में पानी की सप्लाई 72 घंटे में हो रही है। रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने नए ट्यूबवेल को कंटीजेंसी प्लान का पार्ट बनाने की बात कही ताकि गर्मी में जहाँ पानी की किल्लत रहती है वहां लोगो को परेशानी नहीं उठानी पड़े। जालोर प्रधान नारायण सिंह ने जालोर पंचायत समिति के कई गांवों में पानी नहीं पहुंचने की बात कही। सरपंचों ने एनओसी दी, उनके खिलाफ कार्यवाई करो
जिला परिषद सदस्य प्रवीण माली ने सरनाऊ क्षेत्र में जेजेएम में पानी की पाइप लाइन पूरी तरह से बिछाए बिना ही ठेकेदारों को एनओसी देने का मामला उठाया जिस पर मुख्य सचेतक गर्ग ने कहा कि काम पूरा हुए बिना जिस सरपंच ने एनओसी जारी की है, उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करिए। सदस्य प्रवीण माली ने कहा कि सरनाऊ में कई जगह पाइप लाइन ही नही बिछाई है और एनओसी दे दी। जोगेश्वर गर्ग ने वोल्टेज की समस्या को लेकर एसई डिस्कॉम को अवगत कराया। एसई विद्युत विभाग ने कहा कि अब घरेलू बिल उपभोक्ताओं को एक माह के दिए जाएंगे लेकिन कृषि बिल दो माह के ही दिए जाएंगे।


