बारां जिले के अंता से उपचुनाव में जीते प्रमोद जैन भाया ने आज विधायक पद की शपथ ली। भाया को विधानसभा में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अपने चैंबर में शपथ दिलाई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस सचेतक रफीक खान और कई विधायक मौजूद रहे। अंता विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने बीजेपी उम्मीदवार मोरपाल सुमन को हराया। निर्दलीय नरेश मीणा मामूली अंतर से तीसरे स्थान पर रहे। विधानसभा में कांग्रेस के अब 65 विधायक हो गए हैं। 11 नवंबर को हुआ था उपचुनाव अंता सीट पर 2023 के चुनावों में वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा विधायक का चुनाव जीते थे, लेकिन कंवर लाल को एसडीएम पर पिस्टल तानने के 20 साल पुराने मामले में सजा हो गई थी। 1 मई को हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखने का आदेश देने के बाद कंवर लाल की विधायकी चली गई, जिसके बाद 11 नवंबर को अंता सीट पर उपचुनाव हुए। शपथ के बाद अब विधानसभा में सवाल लगा सकेंगे विधायक की शपथ लेने के बाद ही विधानसभा में विधायक के तौर पर सवाल लगाने, मुद्दे उठाने से लेकर विधायक के तौर पर मिलने वाले लाभ मिलते हैं। कई बार उपचुनाव में जीते हुए विधायक विधानसभा सत्र के दौरान शपथ लेते रहे हैं, लेकिन कुछ मौकों पर विधानसभा स्पीकर अपने चैंबर में ही शपथ दिला देते हैं। विधानसभा में विधायक के तौर पर शपथ लेते ही भाया अब विधानसभा से विधायक को मिलने वाली सभी सुविधाओं और विशेषाधिकार के हकदार हो गए हैं। यूरिया के लिए दर-दर भटक रहे किसान प्रमोद जैन भाया ने शपथ लेने के बाद विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बारां जिले में तीन बार अतिवृष्टि के कारण फसलें बिगड़ीं, किसानों आज तक मुआवजा नहीं मिला। हमने जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले एक महीने पहले प्रदर्शन किया था। मैं अब आज भी पत्र भिजवा रहा हूं, क्योंकि हमारे इस बार गेहूं की बुवाई बहुत अधिक हुई है, उस मात्रा में यूरिया की सप्लाई नहीं हो पा रही है। बारां जिले के किसानों को यूरिया के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। परेशानी उठानी पड़ रही है। अगर 7 दिन में यूरिया की आपूर्ति नहीं हुई तो गढ़ेपान यूरिया सयंत्र जो सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके सामने 2 दिसंबर को हम धरना देंगे। भाया ने कहा- गढ़ेपान सयंत्र का जो प्रदूषण है, चाहे वह हवा का हो या पानी का, उसका खामियाजा बारां जिले के लोगों को उठाना पड़ रहा है। इतना प्रदूषण झेलने के बाद बारां जिले के किसानों को यूरिया नहीं मिले त हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और किसानों के लिए संघर्ष करेंगे। मरते दम तक जनता के बीच रहूंगा चुनावों में लगे आरोपों पर भाया ने कहा- मैंने जीवन में बहुत बड़ा दिल रखकर काम किया है। राजनीति में आरोप प्रत्यारोप लगाना सहज प्रक्रिया है आरोप लगाने वालों को तो केवल जुबान हिलानी पड़ती है, लेकिन काम करने वाले को बहुत मेहनत करनी पड़ती है। भारतीय जनता पार्टी के मेरे विरोधी चुनाव लड़े थे, उनका प्रोपेगेंडा था, जनता ने उनका जवाब दे दिया। मैं पहले भी जनता के बीच में रहता था, आज भी जनता के बीच हूं और जब तक मरूंगा तब तक जनता के बीच रहूंगा।


